9-10 अगस्त 2017 करेण्ट अफेयर्स

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Editorial Team

10 Aug, 2017

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कर्रेंट अफेयर्स,


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1) भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक महत्वपूर्ण अध्याय “भारत छोड़ो आंदोलन” (“Quit India Movement”) की 75वीं वर्षगाँठ 9 अगस्त 2017 को पूरे देश में मनाई गई। इस अवसर पर किस नाम के थीम (theme) को केन्द्र सरकार ने क्रियान्वित किया? – “संकल्प से सिद्धि”

विस्तार: उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रसारित अपने “मन की बात” रेडियो कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “भारत छोड़ो आंदोलन” की 75वीं वर्षगाँठ को मनाने के लिए “संकल्प से सिद्धि” (नामक ध्येय वाक्य को थीम के रूप में चुनने की बात कही थी। इसी थीम को केन्द्र सरकार ने 9 अगस्त 2017 को इस ऐतिहासिक आंदोलन की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर क्रियान्वित किया।

अंदोलन के इस ऐतिहासिक पड़ाव को विशेष बनाने के लिए संसद के दोनों सदनों में एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। दोनों सदनों में प्रश्न-काल तथा शून्य काल को निलंबित रखा गया तथा सभी प्रमुख नेताओं ने अपने उद्गार प्रकट किए। वहीं राष्ट्रीय अभिलेखागार ने इस अवसर पर एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की।

उल्लेखनीय है कि “भारत छोड़ो आंदोलन” का नारा महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) ने 8 अगस्त 1942 को बंबई (Bombay) में अखिल भारतीय कांग्रेस के अधिवेशन के दौरान देकर अंग्रेजों को भारत छोड़ने का बिगुल फूँका था। यह आह्वान क्रिप्स मिशन (Cripps Mission) की असफलता के चलते दिया गया था क्योंकि गांधीजी का मानना था कि अंग्रेज भारत की समस्या को सुलझाने के प्रति गंभीर नहीं हैं। इस आह्वान के बाद 9 अगस्त 1942 से आम जनमानस इस आंदोलन में कूद पड़ा था।

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2) भारत ने 8 अगस्त 2017 को क्योटो संधि (Kyoto Protocol) की द्वितीय प्रतिबद्धता अवधि (second commitment period) को अपनाने की पुष्टि कर दी जिसके तहत दुनिया भर के देश ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को सीमित करने के प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही भारत इस ऐतिहासिक संधि की द्वितीय प्रतिबद्धता अवधि को अपनाने से सम्बन्धित संशोधन को स्वीकार करने वाला कौन सा देश बन गया? – 80वाँ

विस्तार: संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैय्यद अकबरुद्दीन (Syed Akbaruddin) ने 8 अगस्त 2017 को घोषणा की कि भारत ने क्योटो संधि से जुड़े दोहा संशोधन (Doha Amendment) को स्वीकार करने से सम्बन्धित संधि दस्तावेज संयुक्त राष्ट्र में जमा कर दिया है। इस प्रकार भारत इस संशोधन को स्वीकार करने वाला 80वाँ देश बन गया है।

उल्लेखनीय है कि क्योटो संधि संयुक्त राष्ट्र की जलवायु परिवर्तन ढांचागत संधि (United Nations Framework Convention on Climate Change – UNFCCC) से जुड़ा एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है जिसमें दुनिया भर के देशों को उत्सर्जन को कम करने के लिए तय लक्ष्यों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध किया गया है।

क्योटो संधि को जापान के क्योटो शहर में दिसम्बर 1997 में हस्ताक्षरित किया गया था जबकि यह फरवरी 2005 से प्रभाव में आई थी। संधि के तहत प्रथम प्रतिबद्धता अवधि (first commitment period) 2008 से 2012 के बीच में थी। वहीं संधि से जुड़े दोहा संशोधन (Doha Amendment) को कतर के दोहा (Doha) शहर में दिसम्बर 2012 में अपनाया गया था।

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3) 8 अगस्त 2017 को की गई घोषणा के अनुसार स्वास्थ्य (Health) व शिक्षा (Education) क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन क्रियान्वित करने के लिए नीति आयोग (Niti Aayog) ने किन तीन राज्यों का चयन किया है? – स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्तर प्रदेश, असम और कर्नाटक तथा शिक्षा क्षेत्र में मध्य प्रदेश, ओडीशा और झारखण्ड

विस्तार: नीति आयोग (Niti Aayog) द्वारा स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्रों में आमूलचूल परिवर्तन लाने हेतु एक महत्वाकांक्षी योजना क्रियान्वित किए जाने के सम्बन्ध में स्वास्थ्य क्षेत्र हेतु उत्तर प्रदेश, असम और कर्नाटक जबकि शिक्षा क्षेत्र के लिए मध्य प्रदेश, ओडीशा और झारखण्ड का चयन किया गया है। इन 6 राज्यों का चयन एक कड़ी प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया के बाद किया गया है।

नीति आयोग द्वारा 8 अगस्त 2017 को की गई घोषणा के अनुसार इस चयन के लिए राज्यों ने दोनों वर्गों के लिए प्रज़न्टेशन प्रस्तुत किए थे। इसमें राज्यों ने इन क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों, तेजी से काम करने की प्रतिबद्धता तथा नीति आयोग द्वारा चयनित किए जाने के कारणों का विस्तार से उल्लेख किया था।

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4) पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने 8 अगस्त 2017 को देश भर के 1.4 लाख ग्रामीण परिवारों से एकत्रित उन सर्वे (Survey) आंकड़ों को जारी कर दिया जिन्हें मई व जून 2017 के दौरान भारतीय गुणवत्ता परिषद (Quality Council of India – QCI) द्वारा एकत्रित किया गया था। इस सर्वे के परिणामों के अनुसार देश के ग्रामीण अंचल (rural areas) में कितने प्रतिशत परिवारों के पास शौचालय (toilet) की सुविधा उपलब्ध है? – 62.45%

विस्तार: भारतीय गुणवत्ता परिषद (Quality Council of India – QCI) के इस स्वच्छता सर्वे में देश के सभी राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों के 4626 गाँवों से एकत्रित आंकडे के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि 62.45% परिवारों के पास शौचालय (toilet) की सुविधा उपलब्ध है। सर्वे में यह निष्कर्ष भी निकाला गया है कि शौचालय सुविधा वाले 91.25% परिवार इनका प्रयोग भी करते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि ग्रामीण अंचलों की शौचालय-सम्बन्धी प्रवृत्तियों में अब परिवर्तन आ रहा है।

जहाँ तक शौचालय की उपलब्धता की बात है तो उत्तर-पूर्व के तीन राज्य सिक्किम (Sikkim), मणिपुर (Manipur) और नगालैण्ड (Nagaland) 95% उपलब्धता के साथ इस मामले में सबसे आगे हैं। वहीं ग्रामीण अंचलों में मात्र 30% शौचालयों के साथ बिहार (Bihar) तथा 37% उपलब्धता के साथ उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) इस मामले में सबसे पिछड़े हैं।

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5) विद्युत उत्पादकों को कोयला वितरण हेतु एक कार्यकुशल तथा पारदर्शी नीति लाने वाला देश का पहला राज्य कौन सा बन गया है जिसने वित्तीय दुश्वारियाँ झेल रही तथा ऊर्जा-कुशल कम्पनियों को लाभ पहुँचाने की कोशिश की है? – गुजरात (Gujarat)

विस्तार: गुजरात (Gujarat) देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जिसने कोयला वितरण में ऊर्जा-कुशल विद्युत उत्पादकों को तरजीह देने वाली नीति क्रियान्वित की है। 8 अगस्त 2017 को गुजरात राज्य सरकार द्वारा जारी एक निविदा (tender) के अनुसार राज्य सरकार अपने कोटे के सस्ते कोयले को तापीय-विद्युत संयंत्रों (thermal power plants) को आवंटित करेगी तथा इसके एवज में इन संयंत्रों से 2 रुपया 82 पैसे प्रति यूनिट (Rs. 2.82 per unit) से कम के मूल्य पर बिजली की खरीद करेगी।

इस निविदा के द्वारा गुजरात राज्य विद्युत निगम अपने स्वामित्व वाले कोयले को अधिक ऊर्जा कार्यकुशल निजी विद्युत संयंत्रों को स्थानांतरित कर सकेगा। वहीं सितम्बर 2017 में सरकार एक रिवर्स निविदा (reverse tender) लायेगी जिसके द्वारा ऊर्जा उत्पादकों से सरकार एक हजार मेगावॉट (1000 Mw) बिजली खरीदेगी। इस निविदा में सफल कम्पनियाँ 1 अक्टूबर 2017 से 30 जून 2018 के बीच राज्य सरकार को बिजली बेचेंगी।

गुजरात सरकार की यह नीति केन्द्र सरकार की उस मुहिम के तहत है जिसमें समस्याएं झेल रहे विद्युत संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा कार्यकुशल उत्पादकों को लाभ देने की कोशिश की गई है।

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