27-29 अगस्त 2017 करेण्ट अफेयर्स

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Editorial Team

29 Aug, 2017

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कर्रेंट अफेयर्स,


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1) चीन और भूटान के बीच डोकलाम (Doklam) पठार पर अधिकार को लेकर भारत (India) और चीन (China) के बीच शुरू हुआ विवाद अंतत: कई सप्ताह की राजनयिक वार्ता के बाद 28 अगस्त 2017 को उस समय हल हो गया जब दोनों देशों की सेनाओं ने विवादित स्थल छोड़ने की घोषणा कर दी। यह विवाद किस तारीख को शुरू हुआ था? – 16 जून 2017

विस्तार: डोकलाम (Doklam) पठार और घाटी से बना स्थान है जिसके उत्तर में चीन के नियंत्रण वाले तिब्बत की चुंबी घाटी (Chumbi Valley) है, पूर्व में भूटान की हा घाटी (Ha Valley) है तथा पश्चिम में भारत का सिक्किम (Sikkim) राज्य है। वर्ष 1961 से भूटान मानचित्रों में इसे अपने भू-भाग के रूप में दिखाता आ रहा है लेकिन चीन भी इसे अपना हिस्सा बताता रहा है। भारत ने हालांकि डोकलाम को अपना भू-भाग नहीं माना है लेकिन वह भूटान के दावे को मानता आ रहा है।

यह विवाद 16 जून 2017 को उस समय शुरू हुआ जब चीन के फौजी दस्ते अपने निर्माण वाहनों तथा सड़क बनाने के उपकरणों के साथ डोकलाम में प्रविष्ट हो गए तथा उन्होंने उत्तर में चल रही अपनी सड़क परियोजना को यहाँ विस्तारित करना शुरू कर दिया। भूटान से इसे अपनी संप्रभुता पर वार बताया। वहीं चीन के इस अवैध निर्माण को रोकने के लिए 18 जून 2017 को 270 भारतीय सैनिक हथियारों तथा दो बुलडोज़रों के साथ डोकलाम में प्रविष्ट हो गए। तबसे डोकलाम विवाद (Doklam Controversy) चालू था तथा चीनी सरकार तथा वहां का सरकारी नियंत्रण वाला मीडिया भारत को तमाम तरह से डराने की कोशिश करता रहा।

लेकिन 28 अगस्त 2017 को इस विवाद का शांतिपूर्ण तरीके से पटाक्षेप हो गया जब दोनों देशों ने अपनी सैन्य टुकड़ियों को वापस बुलाने पर सहमति जता दी। भारत ने अपनी टुकड़ी को सिक्किम वापस बुला लिया।

उल्लेखनीय है कि इस मामले को ऐसे समय पर सुलझाया गया है जब एक सप्ताह के भीतर भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 3 सितम्बर 2017 से चीन में शुरू हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) में भाग लेने वहाँ रवाना होने वाले थे।

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2) केन्द्र सरकार द्वारा 28 अगस्त 2017 को जारी समेकित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति (consolidated Foreign Direct Investment (FDI) policy) का एक अहम एवं महत्वपूर्ण पहलू क्या है? – पहली बार किसी FDI नीति में स्टार्ट-अप्स (Start-ups) के लिए नियमों की घोषणा की गई है

विस्तार: 28 अगस्त 2017 को जारी समेकित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति में स्टार्ट-अप्स (Start-ups) को विदेशी वेंचर कैपिटल निवेशकों को इक्विटी (शेयर), इक्विटी से जुड़ी प्रतिभूतियाँ एवं डेब्ट इंस्ट्रूमेण्ट्स जारी करने की अनुमति प्रदान की गई है। इसके अलावा उन्हें भारत के बाहर रहने वाले नागरिकों को कुछ शर्तों के साथ कन्वर्टेबुल नोट्स (convertible notes) जारी करने की अनुमति भी प्रदान की गई है।

इस प्रकार यह पहला ही मौका है जब किसी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश नीति में स्टार्ट-अप्स को भी शामिल किया गया है।

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3) 28 अगस्त 2017 को किसने भारत के 45वाँ मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की? – न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा (Justice Dipak Misra)

विस्तार: राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में 28 अगस्त 2017 को हुए एक सादे समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा (Justice Dipak Misra) को सर्वोच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of Supreme Court) की शपथ दिलाई। वे देश के 45वें मुख्य न्यायाधीश बने।

उन्होंने एक दिन पूर्व 27 अगस्त 2017 को सेवानिवृत्त हुए न्यायमूर्ति जे.एस. खेहर (Justice J.S. Khehar) का स्थान लिया। न्यायमूर्ति मिश्रा उस समय चर्चा में आए थे जब मुम्बई बम धमाकों के एकमात्र सजा-प्राप्त मुजरिम याकूब मेमन (Yakub Memon) ने अपनी फाँसी रोकने के लिए अपनी फाँसी के दिन सर्वोच्च न्यायालय में गुहार लगाई थी तथा न्यायमूर्ति मिश्रा की अध्यक्षता में सर्वोच्च न्यायालय की 3-सदस्यीय पीठ ने तड़के यह सुनवाई की थी।

इसके अलावा न्यायमूर्ति मिश्रा देश के मुख्य न्यायाधीश बनने वाले ओडीशा (Odisha) के तीसरे व्यक्ति हैं। इससे पहले न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र (Justice Ranganath Misra) और न्यायमूर्ति जी.बी. पटनायक (Justice G.B. Pattanaik) यह मुकाम हासिल कर चुके हैं।

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4) किस खिलाड़ी ने बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिण्टन चैम्पियनशिप्स (BWF World Badminton Championship 2017) के महिला एकल (women’s singles) फाइनल में 27 अगस्त 2017 को भारत की पी.वी. सिंधु (P.V. Sindhu) को हराकर यह प्रतिष्ठित खिताब जीत लिया? – नोज़ोमी ओकुहारा (Nozomi Okuhara)

विस्तार: जापान (Japan) की नोज़ोमी ओकुहारा (Nozomi Okuhara) ने भारत की पी.वी. सिन्धु (P.V. Sindhu) के महिला एकल विश्व चैम्पियन बनने के सपने को उस समय ध्वस्त कर दिया जब उन्होंने 27 अगस्त 2017 को हुए एक बेहद लम्बे और ऐतिहासिक फाइनल में पराजित कर दिया। इस प्रकार वे यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाली जापान की पहली महिला बन गईं जबकि अभी तक कोई भारतीय बैडमिंटन का एकल खिताब नहीं जीत पाया है।

1 घण्टा 49 मिनट लम्बे इस फाइनल मुकाबले में ओकुहारा ने सिंधु को 21-19, 20-22, 22-20 से पराजित किया। यह मुकाबला हारकर सिंधु को रजत पदक (silver medal) से संतोष करना पड़ा। उन्होंने इस चैम्पियनशिप के पूर्व संस्करणों में दो कांस्य पदक भी जीते हैं।

वहीं एक और भारतीय खिलाड़ी साइना नेहवाल (Saina Nehwal) को कांस्य पदक मिला क्योंकि वे 26 अगस्त 2017 को हुए सेमी-फाइनल में नोज़ोमी ओकुहारा के हाथों ही हार गई थीं। हालांकि यह प्रतियोगिता भारत के लिहाज से काफी अच्छी रही क्योंकि यह पहला ही मौका था जब बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिण्टन चैम्पियनशिप्स में भारत के दो खिलाड़ियों को पदक हासिल हुए हो।

इस प्रतियोगिता का पुरुष एकल खिताब डेनमार्क (Denmark) के विक्टर एक्सेलसन (Viktor Axelsen) ने चीन (China) के दिग्गज खिलाड़ी लिन डेन (Lin Dan) को 22-20, 21-16 से हराकर जीता। वे यह खिताब जीतने वाले डेनमार्क के तीसरे खिलाड़ी बने। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 की बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिण्टन चैम्पियनशिप्स का आयोजन 21 से 27 अगस्त 2017 के बीच स्कॉटलैण्ड (Scotland) के ग्लेसगो (Glasgow) में किया गया।

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5) सभी क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों (Regional Passport Offices) को एक छत के नीचे लाने के प्रयास के तहत भारत के पहले “विदेश भवन” (“Videsh Bhawan”) का उद्घाटन 27 अगस्त 2017 को कहाँ किया गया? – मुम्बई (Mumbai)

विस्तार: विदेश मेंत्री सुषमा स्वराज ने देश के पहले “विदेश भवन” का उद्घाटन 27 अगस्त 2017 को मुम्बई (Mumbai) में किया। अपनी तरह की इस पहली पायलट परियोजना के तहत क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (Regional Passport Offices) के अलावा, प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेण्ट्स का कार्यालय (Protector of Emigrants (PoE) office), शाखा सचिवालय (Branch Secretariat) और आईसीसीआर के क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office of the ICCR) को विदेश भवन में एक अत्याधुनिक कार्यालय संकुल में एक छत के नीचे लाया गया है।

उल्लेखनीय है कि इस समय देश में 90 से अधिक क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय तथा प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेण्ट्स कार्यालय किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। इससे विदेश मंत्रालय को प्रत्येक वर्ष किराए तथा रखरखाव में भारी खर्च करना पड़ता है। यदि ऐसे कार्यालयों को विदेश भवनों में एकीकृत किया जाय तो एक तरफ विदेश विभाग की कार्यकुशलता बढ़ेगी तो दूसरी ओर इससे किराए पर होने वाले भारी व्यय से निजात मिलेगी।

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