25-26 अगस्त 2017 करेण्ट अफेयर्स

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Editorial Team

26 Aug, 2017

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कर्रेंट अफेयर्स,


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1) एक ऐतिहासिक और सर्वसम्मति वाले निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) की 9-सदस्यीय संवैधानिक पीठ (Constitutional Bench) ने 24 अगस्त 2017 को दिए अपने निर्णय में कहा कि निजता (privacy) मौलिक अधिकारों (fundamental rights) की परिधि में आता है। इस दीर्घकालिक प्रभाव वाले निर्णय के द्वारा सर्वोच्च न्यायालय ने इस विषय पर अपने किन दो पूर्व निर्णयों को पलट दिया? – एम.पी. शर्मा बनाम सतीश चन्द्र (1954) और खड़क सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (1961)

विस्तार: उल्लेखनीय है कि अपने दो पूर्व आदेशों – 1954 के एम.पी. शर्मा बनाम सतीश चन्द्र और 1961 के खड़क सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य, सर्वोच्च न्यायालय ने यह माना था कि निजता को मौलिक अधिकारों की परिधि में नहीं रखा जा सकता है।

लेकिन 24 अगस्त 2017 को दिए अपने ऐतिहासिक निर्णय में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे. एस. खेहर की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की 9-सदस्यीय संवैधानिक पीठ इन दोनों पूर्व आदेशों को पलटते हुए कहा कि निजता का अधिकार (that right to privacy) अनुच्छेद 21 (Article 21) के तहत प्रदत्त जीवन के अधिकार तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का ही हिस्सा है। अब निजता के अधिकार को संविधान की तीसरी अनुसूची (Schedule III) में स्थान दिया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि आधार (Aadhaar) योजना के तहत एकत्र की जा रही व्यक्तिगत जानकारी को निजता में हस्तक्षेप मानते हुए याचिककर्ताओं, राज्य सरकार तथा केन्द्र सरकार की दलीलें सुनने के लिए 18 जुलाई 2017 को सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ का गठन किया गया था। इस पीठ ने तबसे प्रत्येक सप्ताह तीन दिन इस मामले में सभी पक्षों की दलीलों को सुना है।

अब इस ऐतिहासिक आदेश के बाद निजता के अधिकार को अन्य मौलिक अधिकारों के बराबर दर्जा हासिल हो गया है। अभी तक संविधान में शामिल मौलिक अधिकार हैं – समानता का अधिकार, तमाम प्रकार की स्वतंत्रताओं के अधिकार जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व देश के किसी भी भाग में निर्बाध जाने की स्वतंत्रता, शोषण के विरुद्ध अधिकार, संस्कृति के संरक्षण तथा शिक्षा का अधिकार तथा संवैधानिक उपचारों का अधिकार।

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2) राष्ट्र निर्माण (Nation building) के लिए नीति आयोग द्वारा 24 अगस्त 2017 को शुरू किए गए उस महात्वाकांक्षी प्रयास को क्या नाम दिया गया है जिसके तहत छात्रों को नवाचार-आधारित (innovation-based) उद्यमिता (entreprenuership) में गाइडेंस तथा मेंटरशिप प्रदान की जायेगी? – “मेण्टर इण्डिया” (“Mentor India”)

विस्तार: नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अमिताभ कांत ने 24 अगस्त 2017 को नई दिल्ली में “मेण्टर इण्डिया” (“Mentor India”) नामक एक नए कार्यक्रम का उद्घाटन किया जिसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभाने हेतु 900 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स (Atal Tinkering Labs) का प्रयोग किया जायेगा। इस कार्यक्रम के द्वारा इन लैब्स का इस्तेमाल देश के छात्रों को उद्यमिता के क्षेत्र में अधिकाधिक नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित करने के लिए किया जायेगा। प्रयास किया जायेगा कि इन लैब्स में ऐसे मेण्टर (Mentor) तैयार किए जाएं जो छात्रों को पढ़ाने के बजाय उन्हें कार्य करने में अधिकाधिक सक्षम बनाने में योगदान दें।

उल्लेखनीय है कि उद्यमिता सम्बन्धी नए विचारों तथा नवाचार को विकसित करने के उद्देश्य से अटल टिंकरिंग लैब्स की स्थापना की गई थी जिसमें कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों की क्षमता का विकास कर देश की नियति बदलने (transform India) का खाका खींचा गया है।

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3) 24 अगस्त 2017 को किसे इन्फोसिस (Infosys) का नया अध्यक्ष (Chairman) नियुक्त किया गया? – नंदन नीलेकणि (Nandan Nilekani)

विस्तार: नंदन नीलेकणि (Nandan Nilekani), जोकि सुप्रसिद्ध सॉफ्टवेयर कम्पनी इन्फोसिस (Infosys) के सह-संस्थापकों (co-founders) में से एक थे, को 24 अगस्त 2017 को कम्पनी का नया अध्यक्ष (Chairman) नियुक्त किया गया। वहीं इस दिन कम्पनी के निदेशक मण्डल (Board of Directors) के 5 निदेशकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

उल्लेखनीय है कि नीलेकणि ने वर्ष 2002 से 2007 के बीच इन्फोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की भूमिका निभाई थी। कम्पनी के अध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति को मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सिक्का (Vishal Sikka) के नाटकीय तरीके से इस्तीफा दिए जाने के बाद कम्पनी के निदेशक मण्डल खिलाफ शुरू हुई सह-संस्थापक एन. आर. नारायणमूर्ति (N.R. Narayana Murthy) की लड़ाई में अहम जीत के तौर पर माना जा रहा है।

उनको कम्पनी का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद कम्पनी के 5 निदेशकों ने अपना पद छोड़ दिया। इनमें शामिल हैं – गैर-कार्यकारी अध्यक्ष आर. शेषासाई (R. Seshasaye), सह-अध्यक्ष रवि वेंकटेशन (Ravi Venkatesan), कार्यकारी उपाध्यक्ष विशाल सिक्का (Vishal Sikka), जेफरी लीमेन (निदेशक) और जॉन एचेमेण्डी (निदेशक)।

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4) कुछ अरब देशों का कूटनीतिक बहिष्कार झेल रहे कतर (Qatar) ने किस प्रमुख देश के साथ द्विपक्षीय सम्बन्ध पुन: स्थापित करने की घोषणा 24 अगस्त 2017 को की? – ईरान (Iran)

विस्तार: कतर (Qatar) ने ईरान (Iran) के साथ अपने द्विपक्षीय सम्बन्ध पुन: स्थापित करने की घोषणा 24 अगस्त 2017 को की। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब यह देश 4 अरब देशों का राजनीतिक बहिष्कार झेल रहा है तथा इन देशों की इच्छा थी कि वह ईरान के साथ अपने सम्बन्धों को कमतर (lower) करे।

कतर के ईरान से द्विपक्षीय सम्बन्ध उस समय बिगड़ गए थे जब 2016 के प्रारंभ में सऊदी अरब द्वारा एक प्रमुख शिया धर्मगुरू को मौत की सजा दिए जाने के बाद ईरान में तैनात दो सऊदी राजनयिकों पर हमला किया गया था। उस समय कतर ने सऊदी अरब का साथ निभाते हुए ईरान से अपने राजदूत को वापस बुला लिया था। हालांकि ईरान और कतर के बीच व्यावसायिक सम्बन्ध फिर भी कायम रहे थे। दोनों देशों के मध्य स्थित एक विशाल तेल कुएं पर दोनों देशों की साझेदारी लम्बे समय से रही है।

उल्लेखनीय है कि अरब कूटनीतिक संकट उस समय शुरू हुआ था जब 5 जून 2017 को चार अरब देशों सऊदी अरब (Saudi Arabia), बहरीन (Bahrain), मिस्र (Egypt) और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कतर पर आतंकियों के वित्त पोषण का अरोप लगाकर उसके साथ अपने राजनयिक सम्बन्ध समाप्त कर दिए थे।

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5) केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 25 अगस्त 2017 को तमाम क्षेत्रों में आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस (Artificial Intelligence – AI) के प्रयोग की संभावनाओं की समीक्षा के लिए एक कार्यबल (Task-force) का गठन किया। इसकी अध्यक्षता किसे सौंपी गई है? – वी. कामकोटी (V. Kamakoti)

विस्तार: आईआईटी मद्रास (IIT Madras) के वी. कामकोटी (V. Kamakoti) को उस कार्यबल (Task-force) की अध्यक्षता सौंपी गई है जिसका गठन केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने उद्योग एवं व्यापार से जुड़े तमाम क्षेत्रों में आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence – AI) के प्रयोग की संभावनाओं की समीक्षा के उद्देश्य से 25 अगस्त 2017 को किया। इस कार्यबल का शीर्षक है – ‘Task Force on AI for India’s Economic Transformation’।

यह नवगठित कार्यबल सरकारी, औद्यौगिक तथा अनुसंधान संस्थानों में आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस के प्रयोग के बारे में ठोस तथा कार्यान्वित की जा सकने वाली सिफारिशें तैयार करेगा। इसमें तमाम विशेषज्ञों, अकादमिक हस्तियों, अनुसंधानकर्ताओं तथा उद्योग जगत के लोगों को स्थान दिया गया है।

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