23 नवम्बर 2016 करेण्ट अफेयर्स

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23 Nov, 2016

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कर्रेंट अफेयर्स,


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1) विदेशों में जमा काले धन के खिलाफ एक बड़े प्रयास के तहत स्विस बैंक खातों (Swiss bank accounts) में भारतीय नागरिकों के खातों में जमा धन की जानकारी साझा करने के लिए भारत (India) और स्विट्ज़रलैण्ड (Switzerland) के बीच एक ऐतिहासिक समझौता 22 नवम्बर 2016 को हस्ताक्षरित किया गया। इस समझौते के तहत स्विट्ज़रलैण्ड किस अवधि से भारत को उक्त जानकारियाँ प्रदान करना शुरू करेगा? – सितम्बर 2018

विस्तार: इस समझौते के तहत स्विट्ज़रलैण्ड सितम्बर 2018 तथा इसके बाद की स्विस बैंक खातों की जानकारियाँ भारत को प्रदान करेगा। सितम्बर 2018 से पहले की जानकारियों को साझा नहीं किया जायेगा जबकि इन जानकारियों को भारत सरकार को सितम्बर 2019 से दिया जाना शुरू किया जायेगा।

इस मुद्दे से सम्बन्धित ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फॉरमेशन (Automatic Exchange of Information – AEOI) की एक संयुक्त घोषणा (‘Joint Declaration’) पर दोनों देशों ने 22 नवम्बर 2016 को हस्ताक्षर किए। इस समझौते पर भारत की तरफ से केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Taxes – CBDT) के अध्यक्ष (Chairman) सुशील चन्द्रा (Sushil Chandra) तथा स्विट्ज़रलैण्ड की तरफ से उनके दूतावास के उप-मुखिया (Deputy Chief of Mission of Swiss Embassy) जाइल्स रॉडुइट (Gilles Roduit) ने नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए।

उल्लेखनीय है कि भारतीय द्वारा विदेशों में काला धन जमा करने के मामले में स्विट्ज़रलैण्ड का नाम लम्बे समय से प्रमुखता से लिया जाता है क्योंकि इस देश की बैंकिंग प्रणाली में सूचनाओं को गुप्त रखने की विधिक व्यवस्था है। लेकिन दुनिया भर के देशों से पड़ रहे दबाव के चलते पिछले कुछ समय से स्विट्ज़रलैण्ड ने अपने कड़े बैंकिंग नियमों में ढील देनी शुरू की है।

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2) भारत (India) ने दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु तथा भौतिकीय कण प्रयोगशाला संचालित वाली किस प्रख्यात अंतर्राष्ट्रीय संस्था के सहयोगी सदस्य (Associate Member) बनने के लिए 21 नवम्बर 2016 को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए? – यूरोपीय परमाणु अनुसंधान संगठन (CERN)

विस्तार: 21 नवम्बर 2016 को भारत यूरोपीय परमाणु अनुसंधान संगठन – European Organisation for Nuclear Research (CERN) का सहयोगी सदस्य (Associate Member) बन गया। CERN दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित विज्ञान अनुसंधान संस्था मानी जाती है तथा इसी के द्वारा दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु तथा भौतिकीय कण प्रयोगशाला (world’s largest nuclear and particle physics laboratory) का संचालन भी किया जाता है। उक्त समझौते पर परमाणु ऊर्जा आयोग (Atomic Energy Commission) के अध्यक्ष (Chairman) तथा परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy) के सचिव शेखर बसु (Sekhar Basu) तथा CERN के महानिदेशक (Director General) डॉ. फैबियोला जियानोटी (Dr. Fabiola Gianotti) ने नई दिल्ली में परमाणु ऊर्जा आयोग के कार्यालय में हस्ताक्षर किए।

CERN द्वारा संचालित दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु तथा भौतिकीय कण प्रयोगशाला में दुनिया भर के वैज्ञानिक तथा इंजीनियर ब्रह्माण्ड की मूलभूत संरचना (fundamental structure of the Universe) से सम्बन्धित रहस्यों से पर्दा हटाने के लिए अत्यंत उच्च प्रौद्यौगिकी वाले उपकरणों तथा कम्प्यूटिंग प्रणालियों का प्रयोग करते हैं।

भारत को सितम्बर 2016 तक CERN के “ऑब्ज़र्वर” (Observer) के रूप में मान्यता हासिल थी जब इस संगठन ने भारत का दर्जा बढ़ाने से सम्बन्धित एक प्रस्ताव को पारित किया था।

CERN का सहयोगी सदस्य बनने से भारत के तमाम युवा वैज्ञानिकों को CERN द्वारा संचालित तमाम परियोजनाओं में अनुसंधान कार्य करने का मौका मिलेगा। वहीं भारत को सदस्यता के चलते CERN को अपनी अनुसंधान गतिविधियों के संचालन के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान करनी पड़ेगी।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में CERN के सदस्यों (Members) की संख्या 22 है जबकि सहयोगी सदस्य (Associate Members) चार हैं। इसके अलावा चार देशों व तीन अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं को ऑब्ज़र्वर (Observer) सदस्यों का दर्जा हासिल है।

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3) 22 नवम्बर 2016 को दिवंगत होने वाले एम. बालमुरलीकृष्णा (M. Balamuralikrishna) किस क्षेत्र से जुड़ी विशिष्ट हस्ती थे? – कर्नाटक संगीत (Carnatic music)

विस्तार: एम. बालमुरलीकृष्णा (जिनका पूरा नाम मंगलमापल्ली बालमुरलीकृष्णा) कर्नाटक संगीत (Carnatic music) के सुविख्यात गायक, वायलिन समेत तमाम वाद्ययंत्रों के विद्वान, प्लेबैक गायक, संगीतकार तथा अभिनेता थे।

वे अन्य वाद्ययंत्रों के अलावा वायलिन के विशेषज्ञ वादक थे तथा उन्होंने एक बार एक संगीत सभा में अरयाकुडी रामानुजा आयंगार (Ariyakudi Ramanuja Iyengar) का साथ दिया था जिन्हें कर्नाटक संगीत को आधुनिक समय में मंचों पर लाने में उनके अप्रतिम योगदान के लिए जाना जाता है।

बालमुरलीकृष्णा का जन्म तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी तथा वर्तमान आन्ध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी में हुआ था। उनके पिता पट्टाभिरमैय्या (Pattabiramaiah) एक संगीतज्ञ तथा जबकि माता सूर्यकांतअम्मा (Sooryakanthamma) वीणा वादिका थी। उन्होंने छोटे से ही कर्नाटक संगीत की कृतियों को गाने में रुचि दिखाई तथा मात्र 9 वर्ष की आयु में अपनी पहली प्रस्तुति दी। बाद में कर्नाटक संगीत के दिग्गज गायक के रूप में सामने आए तथा पूरे भारत तथा दुनिया में अपनी प्रस्तुतियाँ दीं।

भारतीय कलाओं में योगदान के लिए उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण (Padma Vibhushan) से सम्मानित किया गया था। उनका निधन 86 वर्ष की आयु में 22 नवम्बर 2016 को चेन्नई में हुआ।

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4) वरिष्ठ कांग्रेसी नेता तथा पुड्डुचेरी के मुख्यमंत्री (Puducherry Chief Minister) वी. नारायणसामी (V Narayanasamy) ने किस विधानसभा सीट से उप-चुनाव में जीत दर्ज की जिसका परिणाम 22 नवम्बर 2016 को घोषित किया गया? – नेल्लीथोप (Nellithope)

विस्तार: उल्लेखनीय है कि पुड्डुचेरी (Puducherry) की नेल्लीथोप (Nellithope) विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी की जीत का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि वे अभी तक विधानसभा के सदस्य नहीं थे तथा उन्हें आगे मुख्यमंत्री बने रहने के लिए 6 दिसम्बर 2016 तक विधानसभा सदस्य बनना जरूरी था। इसलिए कांग्रेस के ए.जॉन कुमार ने इसके लिए नेल्लीथोप विधानसभा सीट से इस्तीफा देकर इस सीट को नारायणसामी के लिए खाली किया था।

इस उप-चुनाव में नारायणसामी ने 11,144 मतों से जीत हासिल कर अन्नाद्रमुक (AIADMK) के ओम शक्ति सेगर को पराजित किया।

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5) वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राम नरेश यादव (Ram Naresh Yadav) का 22 नवम्बर 2016 को निधन हो गया। वे किस राज्य के भूतपूर्व मुख्यमंत्री थे? – उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)

विस्तार: राम नरेश यादव चार बार उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से विधायक रहे थे। उन्होंने जनता पार्टी (Janata Party) के शासनकाल के दौरान 1977 से 1979 के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister) की बागडोर संभाली थी। बाद में वे कांग्रेस (Congress) में शामिल हो गए थे।

अपनी राजनीतिक पारी के अंतिम दिनों में उन्हें मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का राज्यपाल (Governor) बनाया गया था। लेकिन उनका यह कार्यकाल विवादों में रहा क्योंकि उनका नाम राज्य के कुख्यात व्यापम घोटाले से जोड़ा गया था। वर्ष 2015 में मध्य प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स ने व्यापम (Vyapam) नामक संस्था द्वारा वन-रक्षक पद के लिए कराई गई प्रवेश परीक्षा में भ्रष्टाचार के मामले में राम नरेश यादव के खिलाफ प्राथमिकी रिपोर्ट (FIR) दर्ज की थी। बाद में उन्होंने राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया था।

वे राज्य सभा के सदस्य भी रहे थे। लम्बी बीमारी के बाद 89 वर्ष की आयु में उनका निधन लखनऊ के संजय गाँधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में 22 नवम्बर 2016 को हुआ।

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