20-23 जनवरी 2018 करेण्ट अफेयर्स

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23 Jan, 2018

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कर्रेंट अफेयर्स,


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1) नेशनल इन्वेस्टमेण्ट एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड (NIIF) ने 22 जनवरी 2018 को घोषणा की कि वह भारत के बंदरगाहों, टर्मिनलों, परिवहन तथा लॉजिस्टिक्स व्यवसाय में 3 अरब डॉलर निवेश करने के लिए अपना पहला निवेश प्लेटफॉर्म (investmnet platform) शुरू करने जा रहा है। यह निवेश प्लेटफॉर्म किस अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह संचालक के सहयोग से स्थापित किया जा रहा है? – डीपी वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड (दुबई)

विस्तार: नेशनल इन्वेस्टमेण्ट एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड, जोकि भारत का पहला सॉवरिन वेल्थ फण्ड (sovereign wealth fund) है, दुबई (Dubai) में स्थित बंदरगाह संचालक डीपी वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड (DP World Pvt. Ltd.) के साथ मिलकर अपना पहला पहला निवेश प्लेटफॉर्म शुरू करने जा रहा है। इस निवेश प्लेटफॉर्म के द्वारा भारत के बंदरगाहों, टर्मिनलों, परिवहन तथा लॉजिस्टिक्स व्यवसाय में 3 अरब डॉलर तक का निवेश किया जायेगा। यह घोषणा 22 जनवरी 2018 को की गई।

इस निवेश प्लेटफॉर्म के द्वारा उपरोक्त उल्लिखित क्षेत्रों में परिसम्पत्तियों (assets) को खरीद कर उनका विकास किया जायेगा। नेशनल इन्वेस्टमेण्ट एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड जहाँ वर्ष 2015 में संस्थापित देश का पहला सॉवरिन वेल्थ फण्ड है वहीं डीपी वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड दुबई सरकार के नियंत्रण वाला दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कण्टेनर पोर्ट संचालक (container port operator) है तथा वर्तमान में 78 बाह्य व आंतरिक टर्मिनलों का संचालन कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि NIIF की स्थापना मुख्यत: देश में ऊर्जा, परिवहन, आवास, जल, कचरा प्रबन्धन तथा अन्य मूलभूत संरचना क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय तथा घरेलू स्रोतों से पूँजी प्राप्त करने के लिए एक उत्प्रेरक संस्था के तौर पर की गई थी।

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2) केन्द्र सरकार ने 20 जनवरी 2018 को घोषणा की कि वर्ष 2018 को “ज्वार-बाजरा का राष्ट्रीय वर्ष” (‘National Year of Millets’) घोषित किया जायेगा। यह निर्णय किस राज्य सरकार द्वारा केन्द्र की इस सम्बन्ध में की गई गुजारिश के चलते लिया गया? – कर्नाटक (Karnataka)

विस्तार: वर्ष 2018 को “ज्वार-बाजरा का राष्ट्रीय वर्ष” (‘National Year of Millets’) घोषित का निर्णय इस सम्बन्ध में कर्नाटक (Karnataka) राज्य सरकार द्वारा केन्द्र को की गई गुजारिश के चलते लिया गया है। कर्नाटक ज्वार-बाजरा फसलों का देश में सबसे बड़ा उत्पादक है।

केन्द्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री सदानंद गौडा ने 20 जनवरी 2018 को तीन-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के उद्घाटन पर घोषणा की कि वर्ष 2018 को “ज्वार-बाजरा का राष्ट्रीय वर्ष” (‘National Year of Millets’) के रूप में मनाए जाने के निर्णय को लेकर सरकार की तैयारी पूरी हो चुकी हैं।

कर्नाटक के कृषि मंत्री कृष्णा बायरे गौडा वर्ष 2018 को ज्वार-बाजरा का राष्ट्रीय वर्ष घोषित किए जाने के लिए पिछले काफी समय से अभियान चला रहे थे। वहीं कर्नाटक राज्य सरकार ने इन फसलों के स्वास्थ्य लाभों को आम जनता तक पहुँचाने तथा इनके बारे में जागरूक करने पर पिछले वार वर्ष में 200 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। इससे राज्य सरकार ज्वार-बाजरा की खपत बढ़ाना चाहती है।

विशेषज्ञों के अनुसार वर्ष को ज्वार-बाजरा के राष्ट्रीय वर्ष घोषित करने से इन पदार्थों के उपभोग से स्वास्थ्य को होने वाले फायदे का पता तो जनता को चलेगा ही लेकिन इन सूखा-रोधी फसलों (drought-resistant crops) को लगाने के लाभ की जानकारी भी उन्हें होगी।

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3) केन्द्र सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन (Smart City Mission) में किन 9 और शहरों को शामिल करने की घोषणा 19 जनवरी 2018 को की गई? – बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, इरोड, बिहार शरीफ, सिलवासा, दीव, कवारत्ती और इटानगर

विस्तार: केन्द्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 19 जनवरी 2018 को घोषणा की कि केन्द्र सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन के चौथे चरण के तहत नौ और शहरों को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल किया गया है। ये नौ शहर हैं – उत्तर प्रदेश के बरेली (Bareilly), मुरादाबाद (Moradabad), सहारनपुर (Saharanpur), तमिलनाडु का इरोड (Erode), बिहार का बिहार शरीफ (Bihar Sharif), दादरा व नगर हवेली का सिलवासा (Silvasa), दमण और दीव का दीव (Diu), लक्ष्यद्वीप का कवारत्ती (Kavarati) और अरुणाचल प्रदेश का इटानगर (Itanagar)। इन नौ शहरों का चुनाव 15 शहरों द्वारा इस सम्बन्ध में प्राप्त आवेदनों से किया गया है।

इन नौ शहरों क्के साथ स्मार्ट सिटीई योजना के तहत  चुने जाने वाले कुल शहरों की संख्या 99 हो गई है। जबकि मेघालय का शिलाँग (Shillong) यदि तीन माह के भीतर अपना प्रस्ताव मंत्रालय को भेज देता है तो वह स्मार्ट शहर योजना के तहत चुना जाने वाला 100वाँ शहर बन जायेगा। योजना के तहत विभिन्न प्रकार के विकासात्मक कार्यों के लिए प्रत्येक शहर को कुल 500 करोड़ रुपए की राशि दी जायेगी। इतनी ही आर्थिक सहायता राज्य सरकार अथवा स्थानीय निकायों द्वारा इन शहरों को प्रदान करने की योजना भी है।

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4) कौन सा उपक्रम हिन्दुस्तान पेट्रोलियम निगम लिमिटेड (HPCL) में केन्द्र सरकार की 51.1% हिस्सेदारी करोड़ रुपए में खरीदने जा रहा है जिसके चलते केन्द्र सरकार वर्ष 2017-18 के दौरान 725 अरब रुपए के अपने विनिवेश लक्ष्य (Disinvestment target) को हासिल कर लेगी? – ओएनजीसी (ONGC)

विस्तार: सार्वजनिक क्षेत्र का ही उपक्रम तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड  (Oil and Natural Gas Corporation – ONGC) हिन्दुस्तान पेट्रोलियम निगम लिमिटेड (Hindustan Petroleum Corporation Limited – HPCL) में केन्द्र सरकार की 51.1% हिस्सेदारी करोड़ रुपए में खरीदने जा रहा है। 36,915 करोड़ रुपए के इस सौदे के जनवरी 2018 के अंत तक पूरा हो जाने की संभावना है।

इस सौदे से केन्द्र सरकार को वर्ष 2017-18 के लिए तय 725 अरब रुपए के विनिवेश लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। 11 जनवरी 2018 तक केन्द्र सरकार अरब रुपए का विनिवेश कर चुकी है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009 के बाद किसी भी वर्ष तय विनिवेश लक्ष्य हासिल नहीं हुआ है।

हिन्दुस्तान पेट्रोलियम निगम 3.52 करोड़ टन के पेट्रोलियम उत्पादों का विपणन करता है। इसके अलावा यह भारत की सबसे बड़ी ल्युब्रिकेंट शोधनशाला (lubricants refinery) का संचालन करता है। इसका तेल विपणन नेटवर्क इण्डियन ऑयल (Indian Oil) के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा है।

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