17-19 नवम्बर 2017 करेण्ट अफेयर्स

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19 Nov, 2017

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कर्रेंट अफेयर्स,


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1) वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज़ (Moody’s) ने 17 नवम्बर 2017 को कितने वर्षों बाद भारत की सॉवरिन क्रेडिट रेटिंग (India’s sovereign rating) में वृद्धि करते हुए इसे से करने की घोषणा की? – 13 वर्ष

विस्तार: भारत की सॉवरिन क्रेडिट रेटिंग (India’s sovereign rating) को पूरे 13 वर्ष बाद बढ़ाते हुए वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज़ (Moody’s) ने 17 नवम्बर 2017 को इसे एक पायदान बढ़ाकर वर्तमान Baa3 से Baa2 करने की घोषणा की। इस घोषणा के द्वारा एजेंसी ने नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा पिछले कुछ समय से आर्थिक व संस्थागत सुधारों को गति देने की प्रक्रिया को सराहा गया है। सरकार ने जीएसटी (GST) को लागू करने के अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पुनर्पूँजीकरण (PSU bank re-capitalization) हेतु अधिक धनराशि उपलब्ध कराने, सड़क परियोजनाओं में भारी-भरकम निवेश और दीवालिया कानूनों (bankruptcy rules) में सुधार जैसे कई आर्थिक सुधारों के निर्णय लिए हैं।

उल्लेखनीय है कि मूडीज़ ने अंतिम बार भारत की सॉवरिन क्रेडिट रेटिंग में वर्ष 2004 में वृद्धि की थी। अब से रेटिंग को बढ़ाकर करने का अर्थ यह हुआ कि भारत को निवेश हेतु न्यूनतम श्रेणी (lowest investment-grade) से एक पायदान उठाकर अब निवेश हेतु स्थिर से धनात्मक तक कर दिया गया है। इसके चलते भारत अब इटली और फिलीपीन्स जैसे देशों की कतार में आकर खड़ा हो गया है।

मूडीज़ ने भारत की दीर्घ-कालिक विदेशी-मुद्रा बाण्ड सीलिंग को भी Baa2 से बढ़ाकर Baa1 कर दिया है जबकि दीर्घ-कालिक विदेशी मुद्रा बैंक जमा सीलिंग को Baa3 से बढ़ाकर Baa2 किया गया है। वहीं लघु-कालिक विदेशी मुद्रा बाण्ड सीलिंग को P-2 पर यथावत रखा गया है और लघु-कालिक विदेशी मुद्रा बैंक जमा सीलिंग को P-3 से बढ़ाकर P-2 किया गया है। एजेंसी ने दीर्घ-कालिक स्थानीय मुद्रा जमा और बाण्ड सीलिंग को A-1 पर यथावत रखा है।

मूडीज़ ने क्रेडिट रेटिंग में वृद्धि करते हुए भारत को आगाह भी किया है कि यदि भारत के राजकोषीय संकेतकों (fiscal metrics) की स्थिति बिगड़ती है तो भविष्य में वह पुन: देश की सॉवरिन रेटिंग्स को कम कर सकती है।

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2) वे भारतीय सुंदरी कौन हैं जिन्होंने चीन के सेन्या में सम्पन्न वर्ष 2017 का मिस वर्ल्ड (Miss World 2017) खिताब जीतकर इस खिताब का पिछले 17 वर्ष का सूखा समाप्त किया? – मानुषी छिल्लर (Manushi Chillar)

विस्तार: हरियाणा की मानुषी छिल्लर (Manushi Chillar) ने 18 नवम्बर 2017 को 117 अन्य देशों की सुंदरियों को पछाड़ते हुए वर्ष 2017 का मिस वर्ल्ड खिताब जीत लिया। चीन (China) के सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल सान्या (Sanya) में हुए एक भव्य समारोह में मानुषी ने वर्ष 2000 में यह खिताब जीतने वाली प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) के बाद यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय सुंदरी बनने का गौरव हासिल किया। पिछले वर्ष की मिस वर्ल्ड पुर्ते रिको (Puerto Rico) की स्टीफेनी डेल वेले (Stephanie Del Valle) ने मानुषी की मिस वर्ल्ड का खिताब पहनाया।

इस खिताब जीतकर मानुषी यह खिताब जीतने वाली कुल छठीं भारतीय सुंदरी बन गयीं। इससे पूर्व 1966 में रीता फारिया (Rita Faria), 1994 में ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai), 1997 में डायना हेडन (Daina Hayden), 1999 में युक्ता मुखी (Yukta Mukhi) और वर्ष 2000 में प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) ने यह प्रतिष्ठित खिताब भारत की झोली में डाला था।

मानुषी एक डॉक्टर दम्पत्ति की पुत्री हैं तथा उन्होंने दिल्ली के सेंट थॉमस स्कूल से शिक्षा हासिल की है। वे वर्तमान में हरियाणा के सोनीपत के गोहाना स्थित भगत फूल सिंह गवर्नमेण्ट महिला मेडिकल कॉलेज (BPS Government Medical College for Women) में MBBS की शिक्षा हासिल कर रही हैं।

मैक्सिको (Mexico) की सुंदरी आन्द्रिया मेज़ा (Andrea Meza) को प्रथम रनर अप चुना गया जबकि इंग्लैण्ड की सुंदरी स्टीफेनी हिल (Stephanie Hill) द्वितीय रनर अप रहीं। इस खिताबी जीत के साथ ही भारत वेनेजुएला (Venezuela) की बराबरी पर आ गया है, जहाँ से सर्वाधिक छह सुंदरी मिस वर्ल्ड चुनी गई हैं।

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3) भारत सरकार द्वारा स्थापित उस दूसरे एक्सचेंज ट्रेडेड फण्ड (ETF) का क्या नाम है जो प्रथम निवेश के लिए नवम्बर 2017 को प्रस्तुत किया गया? – भारत 22 ईटीएफ (Bharat 22 ETF)

विस्तार: “भारत-22” (“Bharat-22”) केन्द्र सरकार द्वारा हाल ही में स्थापित किए गए उस नए सरकारी एक्सचेंज ट्रेडेड फण्ड (Exchange Traded Fund – ETF) का नाम है जिसमें कुल 22 उपक्रमों को स्थान दिया गया है। इन 22 उपक्रमों में सार्वजनिक क्षेत्र की ब्ल्यू चिप कम्पनियों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा Specified Undertaking of Unit Trust of India (SUUTI) के तहत आने वाले निजी उपक्रमों को भी शामिल किया गया है।

इस ईटीएफ को निवेश के लिए 15 से 17 नवम्बर 2017 से खोला गया। केन्द्र सरकार ने इस फण्ड की स्थापना, इसे लांच करने और प्रबन्धित करने का काम आईसीआईसीआई प्रूडेण्शियल AMC (ICICI Prudential AMC) को प्रदान किया है। इस फण्ड को केन्द्र सरकार ने अपने विनिवेश कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की कड़ी के तौर पर प्रस्तुत किया है।

इसमें कुल नौ सार्वजनिक उपक्रमों को शामिल किया गया है जिनमें ओएनजीसी (ONGC – 5.3%), पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन (7.9%), कोल इण्डिया (3.3%), इण्डियन ऑयल (4.4%) जैसे प्रमुख उपक्रम शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक (8.6%) समेत कुल चार बैंकों को स्थान दिया गया है। वहीं एल एण्ड टी (L&T – 17.1%), आईटीसी (ITC – 15.2%), एक्सिस बैंक (7.7%) जैसे उपक्रम जिनमें SUUTI की होल्डिंग है, को भी स्थान दिया गया है।

अन्य उपक्रम जो भारत-22 में शामिल हैं – पीजीसीआईएल (PGCIL – 7.9%), एनटीपीसी (NTPC – 6.7%), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (4.4%), नाल्को (NALCO – 4.4%), गेल (GAIL -3.7%), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (3.3%), इंजीनियर्स इण्डिया लिमिटेड, एनबीसीसी, एनटीपीसी, एनएचपीसी, एसजेवीएनएल, एनएलसी, पीएफसी, रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन, इण्डियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा।

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4) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर उर्जित पटेल (Urjit Patel) को किस अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग संस्था के सलाहकार बोर्ड में 16 नवम्बर 2017 को नियुक्त किया गया? – वित्तीय स्थिरता संस्थान (Financial Stability Institute – FSI)

विस्तार: भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India – RBI) के गवर्नर उर्जित पटेल को 16 नवम्बर 2017 को वित्तीय स्थिरता संस्थान (Financial Stability Institute – FSI) के सलाहकार बोर्ड (Advisory Board) में सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया। इस संस्थान को अंतर्राष्ट्रीय निपटारा बैंक (Bank of International Settlement – BIS) के नाम से भी जाना जाता है तथा यह दुनिया भर के केन्द्रीय बैंकों के स्वामित्व वाली वैश्विक वित्तीय संस्था है।

उल्लेखनीय है कि बीआईएस (BIS) के महाप्रबन्धक (GM) जैमी कैरुआना (Jaime Caruana) अब 30 नवम्बर 2017 तक वित्तीय स्थिरता संस्थान के सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष (Chairman) का दायित्व निभायेंगे। इसके बाद ऑगस्टिन कार्स्टेन्स (Agustín Carstens) यह दायित्व हासिल करेंगे। संस्थान में उर्जित पटेल के अलावा नियुक्त किए गए अन्य सदस्य हैं विलियम डडली (William Dudley) न्यूयॉर्क के फेडरल रिज़र्व के अध्यक्ष) और ब्राज़ील, दक्षिण अफ्रीका, जापान तथा कई अन्य देशों के केन्द्रीय बैंकों के अध्यक्ष।

FSI की स्थापना 1998 में BIS और बैंकों की निगरानी पर गठित बेसेल समिति (Basel Committee on Banking Supervision) द्वारा की गई थी।

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5) केन्द्रीय कैबिनेट (Union Cabinet) ने 16 नवम्बर 2017 को एक राष्ट्रीय मुनाफाखोरी-निरोधी प्राधिकरण (National Anti-Profiteering Authority) की स्थापना को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी जो यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगा कि जीएसटी (GST) दरों में कमी करने का लाभ उपभोक्ताओं को हासिल हो। इस प्राधिकरण को प्रदत्त की जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण शक्ति कौन सी है? – उपभोक्ताओं को GST दरों में कटौती का लाभ न पहुँचाने वाले उपक्रमों का लाइसेंस रद्द करने की शक्ति

विस्तार: राष्ट्रीय मुनाफाखोरी-निरोधी प्राधिकरण (National Anti-Profiteering Authority – NAPA), जिसकी स्थापना को केन्द्रीय कैबिनेट ने 16 नवम्बर 2017 को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी, का मुख्य कार्य केन्द्र सरकार द्वारा जीएसटी (GST) दरों में की गई कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को सुनिश्चित कराना है। इस संदर्भ में इस प्राधिकरण को प्रदत्त सबसे महत्वपूर्ण शक्ति ऐसे उपक्रमों और व्यवसायों का लाइसेंस रद्द करने की है जो GST में की गई कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को देने में आनाकानी कर रहे हैं। यह प्राधिकरण इस संदर्भ में उपभोक्ताओं द्वारा दायर शिकायतों की सुनवाई करने में भी सक्षम होगा।

इस प्राधिकरण की स्थापना की अनुमति ऐसे समय में की गई है जब नवम्बर 2017 में ही केन्द्र सरकार ने लगभग 200 वस्तुओं पर लगने वाली जीएसटी दरों में कटौती करके उसे 5% करने की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि बड़े रेस्टोरेण्ट्स जैसे कुछ उपक्रम हालांकि एक तरफ GST का 6 से 7% किराया जैसे ओवरहेड खर्चों के ऐवज में इनपुट टैक्स क्रेडिट (input tax credit – ITC) के तौर पर क्लैम कर रहे हैं लेकिन वे GST दरों में कमी का लाभ ग्राहकों को देने में आनाकानी कर रहे हैं।

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