17-18 सितम्बर 2017 करेण्ट अफेयर्स

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18 Sep, 2017

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कर्रेंट अफेयर्स,


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1) देश के दूसरे सबसे बड़े बांध – गुजरात स्थित सरदार सरोवर बांध (Sardar Sarovar Dam) का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितम्बर 2017 को किया। इस विशाल बांध की नींव किस वर्ष रखी गई थी? – 1961 में

विस्तार: नर्मदा नदी (Narmada River) पर सरदार सरोवर बांध (Sardar Sarovar Dam) का शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री प. जवाहरलाल नेहरू (Pt. Jawaharlal Nehru) ने 5 अप्रैल 1961 को किया था। लेकिन तमाम अड़चनों के बाद इसपर काम 1987 में शुरू हुआ था। इसके बावजूद इस बांध का काम पूरा होने में 3 दशक का समय लग गया। यह अमेरिका में स्थित ग्रैण्ड कौली बांध (Grand Coulee Dam) के बाद दुनिया का सबसे बड़ा बांध है। वहीं इस्तेमाल किए गए कान्क्रीट की मात्रा के आधार पर यह दुनिया का सबसे बड़ा बांध है।

सरदार सरोवर बांध गुजरात के नवागाम (Navagam) के पास स्थित है। यह नर्मदा पर बनाए जाने वाले लगभग 30 बांधों में सबसे बड़ा है तथा नर्मदा घाटी परियोजना (Narmada Valley Project) का हिस्सा है। बांध की कुल विद्युत उत्पाद क्षमता 1,450 मेगावाट है तथा ऊँचाई 138.68 मीटर है। उल्लेखनीय है कि इसकी प्रस्तावित ऊंचाई मात्र 88 मीटर थी लेकिन इसमें कई बार वृद्धि की गई। इसकी लम्बाई 1.2 किलोमीटर है जबकि गहराई 163 मीटर है। बांध की कुल जल भण्डारण क्षमता 4.73 मिलियन क्यूबिक मीटर है।

बांध का औपचारिक उद्घाटन इसके शिलान्यास के 56 सालों बाद 17 सितम्बर 2017 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने 67वें जन्मदिन पर किया। इस बांध से उत्पादित विद्युत को तीन राज्यों (मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात) में बांटा जायेगा जिसमें महाराष्ट्र को 57%, मध्य प्रदेश को 27% और गुजरात को 16% हिस्सा मिलेगी। वहीं इन तीन राज्यों के अलावा राजस्थान को जल की आपूर्ति भी बांध से की जायेगी।

सरदार सरोवर बांध अपने शिलान्यास से ही तमाम विवादों में घिरा रहा है। तमाम पर्यावरणीय मुद्दों तथा लोगों के विस्थापन को लेकर नर्मदा बचाओ आंदोलन के ध्वज तले मेधा पाटकर (Medha Patkar) इस बांध का लम्बे समय से विरोध करती आई हैं। 1996 में सर्वोच्च न्यायालय ने बांध के निर्माण कार्य को रोक दिया था।

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2) भारतीय वायुसेना के मार्शल (Marshal of the Indian Air Force) अर्जन सिंह (Arjan Singh), जोकि भारतीय वायुसेना के एकमात्र 5-सितारे से सम्मानित अधिकारी थे, का 16 सितम्बर 2017 को 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वायुसेना के एकमात्र 5-सितारे से सम्मानित अधिकारी होने के अलावा उन्हें कौन सी बड़ी उपलब्धि हासिल थी? – वे एयर चीफ मार्शल (Air Chief Marshal) बनने वाले पहले वायुसेनाध्यक्ष थे

विस्तार: अर्जन सिंह को वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय वायुसेना का शानदार नेतृत्व करने के लिए देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पद्म विभूषण (Padma Vibhushan) प्रदान किया गया था। उस समय तक भारतीय वायुसेनाध्यक्ष का पद एयर मार्शल (Air Marshal) होता था लेकिन उन्हें ही पहली बार एयर चीफ मार्शल (Air Chief Marshal) के पद से सुशोभित किया गया था।

वे 1939 में तत्कालीन रॉयल इण्डियन एयर फोर्स (RIAF) में पायलट ऑफीसर के रूप में शामिल किए गए थे। उन्होंने द्वितीय विश्व-युद्ध में भाग लिया था। 15 अगस्त 1947 को भारत के स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने वायुसेना के विमानों के फ्लाई-पास्ट का नेतृत्व किया था जिसने लाल-किले के ऊपर से उड़ान भरी थी। वे 1 अगस्त 1964 से 15 जुलाई 1969 तक वायुसेनाध्यक्ष रहे थे। उनके नेतृत्व में वायुसेना ने भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान को धूल चटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे एकमात्र ऐसे वायुसेनाध्यक्ष थे जिन्होंने लगभग 5 साल तक यह कमान संभाली जबकि परंपरागत तौर पर वायुसेनाध्यक्ष की कमान ढाई से तीन साल के लिए दी जाती है।

सशस्त्र सेना को दिए अतुलनीय योगदान के लिए वर्ष 2002 में उन्हें भारतीय वायुसेना का मार्शल (Marshal of the Indian Air Force) बनाया गया था तथा यह सम्मान हासिल करने वाले एकमात्र वायुसेना अधिकारी थे। इसके अलावा सिर्फ दो अन्य हस्तियों को पाँच सितारे का सम्मान मिला है फील्ड मार्शल करियप्पा Field Marshal Cariappa) और फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ (Field Marshal Sam Manekshaw)।

वायुसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने स्विट्ज़रलैण्ड में भारत के राजदूत (Ambassador) और केन्या में भारतीय उच्चायुक्त (Indian High Commissioner) के रूप में योगदान दिया। वहीं 1989 से 1990 के बीच वे दिल्ली के उप-राज्यपाल (Lt. Governor) भी रहे थे।

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3) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा 15 सितम्बर 2017 को जारी जानकारी के अनुसार सितम्बर 2017 के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भण्डार (India’s foreign exchange reserves) ने कौन सा अहम पड़ाव पहली बार पार किया? – 400 अरब डॉलर

विस्तार: सितम्बर 2017 के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भण्डार ने 400 अरब डॉलर ($400 billlion) के स्तर को पहली बार पार किया। भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा इस सम्बन्ध में 15 सितम्बर 2017 को जारी जानकारी के अनुसार 8 सितम्बर 2017 को समाप्त हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भण्डार 2.604 अरब डॉलर बढ़कर 400.426 अरब डॉलर हो गया।

विदेशी मुद्रा भण्डार में इस तेजी का मुख्य कारण विदेशी पोर्टफोलियो से हासिल अच्छा निवेश है। उल्लेखनीय है कि पिछले 1 साल के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय इक्विटी (Equity) और डेब्ट (Debt) बाजार में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है।

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4) 14 सितम्बर 2017 को कौन सा राज्य किसानों के ऋणों को माफ करने को स्वीकृति प्रदान करने वाला तीसरा भाजपा शासित राज्य बना? – राजस्थान (Rajasthan)

विस्तार: राजस्थान (Rajasthan) की राज्य सरकार ने 14 सितम्बर 2017७ को अपने राज्यों के किसानों के 20,000 करोड़ रुपए के ऋण माफ करने की अहम घोषणा की। इसके साथ ही यह राज्य 2017 में किसानों के कर्जों को माफ करने वाला तीसरा भाजपा शासित राज्य बन गया।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की सरकार ने अप्रैल 2017 में 36,359 करोड़ रुपए के कर्ज माफ लरने की घोषणा की थी। इसके बाद महाराष्ट्र ने जून 2017 में अपने किसानों के 30,000 करोड़ रुपए के ऋण माफ किए थे जबकि उसी माह कांग्रेस-शासित पंजाब की सरकार ने 20,500 करोड़ रुपए के ऋण माफ करने की घोषणा जून 2017 में की थी।

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5) पी.वी. सिन्धु (P.V. Sindhu) ने किस बैडमिण्टन सुपर सीरीज़ के फाइनल में विश्व चैम्पियन निज़ोमी ओकुहारा (Nozomi Okuhara) को पराजित कर इस वर्ष का दूसरा सुपर सीरीज़ खिताब जीतने में सफलता हासिल की? – कोरिया ओपन सुपर सीरीज़ (Korea Open Super Series)

विस्तार: भारत की दिग्गज महिला बैडमिण्टन खिलाड़ी पी.वी. सिन्धु ने एक और शानदार प्रदर्शन करते हुए सियोल (Seoul) में आयोजित कोरिया ओपन सुपर सीरीज़ (Korea Open Super Series) प्रतियोगिता के महिला एकल फाइनल में अपनी चिर-प्रतिद्वन्दी बन चुकीं जापान की निज़ोमी ओकुहारा (Nozomi Okuhara) को 22-20, 11-21, 20-18 से पराजित कर इस वर्ष का अपना दूसरा एकल खिताब जीतने में सफलता हासिल की। यह मुकाबला काफी कड़ा रहा और एक घण्टे 23 मिनट तक चला।

इस जीत के साथ सिंधु ने अगस्त 2017 के दौरान ओकुहारा के हाथों ग्लेस्गो (Glasgow) में हुई विश्व बैडमिण्टन चैम्पियनशिप (World Badminton Championship) के फाइनल में मिली हार का बदला भी पूरा कर लिया। सिंधु का यह वर्ष 2017 का दूसरा सुपर सीरीज़ खिताब है। उन्होंने इससे पहले जनवरी में इण्डिया ओपन सुपर सीरीज़ (India Open Super Series) का खिताब जीता था।

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