13 दिसम्बर 2016 करेण्ट अफेयर्स

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13 Dec, 2016

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कर्रेंट अफेयर्स,


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1) उस विध्वंसकारी चक्रवाती तूफान (cyclonic storm) का क्या नाम है जो 12 दिसम्बर 2016 को दोपहर उत्तर तमिलनाडु और दक्षिण आन्ध्र प्रदेश के तट से टकराया तथा जिसने चेन्नई में भारी नुकसान पहुँचाया? – “वरदा” (‘Vardah’)

विस्तार: “वरदा” (‘Vardah’) उस चक्रवाती तूफान को दिया गया नाम है जिसने 12 दिसम्बर 2016 को उत्तर तमिलनाडु और दक्षिण आन्ध्र प्रदेश के रास्ते भारतीय मुख्य भूमि में प्रवेश किया। यह चक्रवाती तूफान लगभग 5 दिन पूर्व दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव के क्षेत्र (depression) के रूप में शुरू हुआ था। लेकिन कुछ दिनों में इसने एक भयंकर चक्रवाती तूफान का रूप धारण कर लिया।

पहले अनुमान लगाया गया था कि “वरदा” चक्रवात आन्ध्र प्रदेश के तट से टकरायेगा तथा नेल्लूर और काकीनाडा के बीच से होता हुआ भारतीय मुख्य-भूमि में प्रवेश करेगा। लेकिन बाद में इसकी दिशा बदल गई तथा यह कुछ दक्षिण दिशा की ओर केन्द्रित हो गया। इसके चलते तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई तथा कांचीपुरम व थिरुवल्लुवर जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई। चेन्नई में तूफान के कारण भारी तबाही हुई तथा रेल सेवा, हवाई सेवा व उपनगरीय सेवा समेत तमाम सेवाएं बाधित हो गईं। शहर में हजारों पेड़ उखड़ गए जिसकी चपेट में आकर कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई।

उल्लेखनीय है कि इस तूफान का नाम “वरदा” तूफानों के नामकरण की अंतर्राष्ट्रीय पद्धति के अनुसार पाकिस्तान (Pakistan) ने दिया है तथा इसका अर्थ उर्दू में लाल गुलाब है।

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2) दुनिया की सबसे लम्बी रेलवे सुरंग – 57 किलोमीटर लम्बी गोट्टहार्ड बेस टनल (Gotthard Base Tunnel) से सामान्य वाणिज्यिक यातायात की शुरूआत 11 दिसम्बर 2016 को कर दी गई। 17 वर्ष की समयावधि में तैयार की गई यह प्रसिद्ध रेल सुरंग किस देश में स्थित है? – स्विट्ज़रलैण्ड (Switzerland)

विस्तार: गोट्टहार्ड बेस टनल (Gotthard Base Tunnel – GBT) स्विट्ज़रलैण्ड (Switzerland) की आल्प्स (Alps) पर्वतमाला में स्थित है तथा यह ज़्यूरिख (Zurich) को लुगानो (Lugano) से जोड़ती है। इस सुरंग को बनाने में 17 वर्ष लगे जबकि लगभग 12 अरब स्विस फ्रैंक का खर्च आया। इस सुरंग को आधिकारिक तौर पर जून 2016 के दौरान शुरू किया गया था जबकि नियमित वाणिज्यिक रेल सेवाओं को 11 दिसम्बर 2016 से शुरू किया गया है।

यह सुरंग जापान की 53.9 किमी. लम्बी सीकेन सुरंग (Seikan tunnel) को पछाड़ कर दुनिया की सबसे लम्बी रेल सुरंग बनी है। वहीं ब्रिटेन और फ्रांस को परस्पर जोड़ने वाली 50.5 किमी. लम्बी सुप्रसिद्ध चैनल सुरंग (Channel tunnel) अब तीसरे स्थान पर है।

गोट्टहार्ड बेस टनल परियोजना के चलते डेनमार्क (Denmark) के रोटरडेम (Rotterdam) से एड्रियाटिक सागर (Adriatic Sea) के बीच सीधा रेल-लिंक संभव हो गया है तथा इसके चलते पूरे यूरोप में इस परियोजना की खूब प्रशंसा की गई है। पूरी तरह से स्विट्ज़रलैण्ड से वित्त-पोषित की गई इस परियोजना को हकीकत बनाने के लिए सुरंग खुदाई के अत्याधुनिक तरीकों का इस्तेमाल किया गया जिससे विस्फोटक व छेद (blast-and-drill) करने के अपेक्षा महंगे व खतरनाक तरीके की आवश्यकता नहीं पड़ी।

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3) केन्द्र सरकार देश में डिज़िटल लेन-देन (Digital transactions) को बढ़ावा देने के लिए लोगों को सम्बन्धित देने के लिए जल्द ही एक टोल-फ्री नम्बर (Toll Free Number) शुरू करने जा रही है। यह नया टोल-फ्री नम्बर क्या है? – 14444

विस्तार: 14444 एक नया टोल-फ्री नम्बर है जिसको केन्द्र सरकार जल्द ही शुरू करने जा रही है। इस नम्बर के द्वारा देश के नागरिक डिज़िटल लेन-देन के बारे में तमाम जानकारियाँ हासिल कर सकते हैं। इसके द्वारा “कैश-लेन” लेन-देन व भुगतान करने के तमाम तरीकों की जानकारी प्रदान की जायेगी। केन्द्र ने इस नम्बर को प्रारंभ करने के लिए आईटी व सॉफ्टवेयर सेवा कम्पनियों के प्रमुख संगठन नैस्कॉम (Nasscom) से मदद मांगी है।

उल्लेखनीय है कि इस उद्देश्य के लिए 14444 नम्बर प्रयोग करने की अनुमति भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने प्रदान कर दी है। यह डिज़िटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा हाल ही में शुरू किए गए तमाम प्रयासों की नवीनतम कड़ी होगा। इससे पहले सरकार ने इस उद्देश्य के लिए एक टीवी चैनल (‘Digishala’) और एक वेबसाइट (‘CashlessIndia’) शुरू की है।

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4) नर्मदा नदी (Narmada River) को स्वच्छ व प्रदूषण-मुक्त रखने के लिए मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) सरकार द्वारा 11 दिसम्बर 2016 को शुरू किए गए उस नए अभियान का क्या नाम है जिसके द्वारा आम जनता तथा समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की जायेगी? – “नर्मदा सेवा यात्रा” (‘Narmada Seva Yatra’)

विस्तार: “नर्मदा सेवा यात्रा” (‘Narmada Seva Yatra’) मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए नए अभियान का नाम है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य से बहने वाली नर्मदा नदी को स्वच्छ व प्रदूषण-मुक्त रखना है। इस 5-माह लम्बे अभियान अभियान को राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक (Amarkantak) में 11 दिसम्बर 2016 को शुरू किया।

“नर्मदा सेवा यात्रा” के तहत मध्य प्रदेश के 16 जिलों में लगभग 1,900 किमी. लम्बाई में बहने वाली नर्मदा नदी के संरक्षण के बारे में आम नागरिकों में जागरूकता का संचार किया जायेगा। नदी के दोनों ओर वृक्षारोपण किया जायेगा तथा सीवेज से आने वाले जल का ट्रीटमेंट करने के बाद इसे नदी में मिलने दिया जायेगा।

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5) 12 दिसम्बर 2016 को किसने न्यूज़ीलैण्ड (New Zealand) के नए प्रधानमंत्री (Prime Minister) के रूप में शपथ ली? – बिल इंग्लिश (Bill English)

विस्तार: सत्ताधारी नेशनल पार्टी (National Party) के नेता बिल इंग्लिश (Bill English), जो अभी तक देश के वित्त मंत्री का दायित्व संभाल रहे थे, 12 दिसम्बर 2016 को न्यूज़ीलैण्ड के नए प्रधानमंत्री बन गए। उन्होंने लोकप्रिय प्रधानमंत्री जॉन की (John Key) का स्थान लिया, जिन्होंने बेहद अप्रत्याशित तरीके से कुछ पारिवारिक कारणों के चलते कुछ दिन पूर्व प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।

नेशनल पार्टी की संसदीय बैठक में 12 दिसम्बर 2016 को बिल इंग्लिश को सर्वसम्मति से नया नेता चुने जाने के कुछ घण्टे बाद उन्हें देश के नए प्रधानमंत्री की शपथ दिला दी गई। वहीं राज्य सेवा मंत्री (State Services Minister) पॉओला बेनेट (Paula Bennett) को पार्टी की नई उप-मंत्री बनाया गया।

उल्लेखनीय है कि इंग्लिश वर्ष 1990 में नेशनल पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं। वे 2002 में पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे जब पार्टी को शर्मनाक हार झेलनी पड़ी थी।

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6) वह स्कैण्डिनेवियाई (Scandinavian) देश कौन सा है जहाँ कचड़ा (garbage) लगभग समाप्त हो गया है तथा इसके चलते इस देश को इसका आयात (import) करना पड़ रहा है ताकि यहाँ के रिसाइक्लिंग संयंत्रों को चालू रखा जा सके? – स्वीडन (Sweden)

विस्तार: मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार स्वीडन (Sweden) एक अनोखी समस्या से गुज़र रहा है क्योंकि यहाँ कचड़ा लगभग पूरी तरह से समाप्त हो गया है जबकि यहाँ के अधिकांश रिसाइक्लिंग संयंत्र (recycling plants) कचड़े से ही चलाए जाते हैं। इसके चलते इस देश को अब कचड़ा अन्य देशों से आयात करना पड़ रहा है।

उल्लेखनीय है कि स्वीडन ने 1991 में जीवाश्म-आधारित ईंधन (fossil fuels) के इस्तेमाल पर भारी कर थोंप दिया था तथा ऐसा करने वाला दुनिया के कुछ पहले देशों में से एक था। यहाँ की रिसाइक्लिंग प्रणालियाँ इतनी अत्याधुनिक हैं कि पिछले वर्ष यहाँ के घरों से निकलने वाले घरेलू कचड़े का मात्र 1% कचड़े के ढेर में पहुँचा था जबकि शेष सब पुनर्चक्रित (recycle) हो गया था। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार यहाँ कचड़े को सिर्फ अस्थायी तौर पर आयातित करने की जरूरत पड़ रही है।

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