13-15 जनवरी 2018 करेण्ट अफेयर्स

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15 Jan, 2018

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कर्रेंट अफेयर्स,


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1) किस राज्य सरकार ने राज्य में वृक्षों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अनूठी पहल करते हुए लोगों को वृक्षों के साथ बंधुत्व वाले सम्बन्ध (fraternal ties) स्थापित करने की अनुमति प्रदान की है? – सिक्किम (Sikkim)

विस्तार: सिक्किम (Sikkim) देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जिसने अपने राज्य के निवासियों को वृक्षों के साथ बंधुत्व वाले सम्बन्ध (fraternal ties) स्थापित करने की अनुमति प्रदान की है। ऐसा करने के पीछे राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में वृक्षों के संरक्षण को और बढ़ावा देना है। इसके लिए राज्य में प्रचलित एक स्थानीय परंपरा मित अथवा मितनी (Mit or Mitini) का सहारा लिया गया है।

इस सम्बन्ध में जनवरी 2018 के दौरान राज्य सरकार द्वारा लाई गई अधिसूचना (“Sikkim Forest Tree (Amity & Reverence) Rules 2017”) के अनुसार “राज्य सरकार किसी भी राज्यवासी को अपनी निजी भूमि अथवा सार्वजनिक भूमि पर खड़े वृक्षों के साथ मित अथवा मितनी सम्बन्ध स्थापित करने की अनुमति प्रदान करती है”।

अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य का कोई भी निवासी वृक्षों को इस प्रकार गोद भी ले सकेंगे जैसे वे उनकी संतान हों। इसके अलावा वृक्षों के साथ तीसरा प्रकार का सम्बन्ध अपने किसी दिवंगत परिजन की स्मृति में वृक्ष का संरक्षण कर स्थापित किया जा सकेगा तथा ऐसे वृक्ष को स्मृति वृक्ष कहा जायेगा।

उल्लेखनीय है कि यह अधिसूचना राज्य सरकार की सदियों पुरानी परंपरा से निकली है जिसमें मनुष्य का प्रकृति, विशेष रूप से वृक्षों, से आत्मीय सम्बन्ध स्थापित करने पर जोर दिया जाता है। सिक्किम भारत के कुछ सबसे अधिक हरे-भरे राज्यों में से एक है।

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2) इसरो (ISRO) ने अपने ऐतिहासिक 100वें उपग्रह प्रक्षेपण अभियान के तहत 12 जनवरी 2018 को पीएसएलवी-C40 रॉकेट की मदद से एक साथ 31 उपग्रहों को प्रक्षेपित कर उन्हें सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया। इस प्रक्षेपण के द्वारा ले जाया गया सबसे महत्वपूर्ण उपग्रह कौन सा है? – कार्टोसैट-2 (Cartosat-2)

विस्तार: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation – ISRO) ने 12 जनवरी 2018 को अपने पीएसएलवी-C40 (Polar Satellite Launch Vehicle – C40) रॉकेट के द्वारा कार्टोसैट-2 (Cartosat-2) श्रेणी के एक मौसम निगरानी उपग्रह को प्रक्षेपित किया तथा इसी अभियान में 30 अन्य उपग्रहों को भी प्रक्षेपित करने में सफलता पाई। यह प्रक्षेपण जहाँ इसरो का 100वाँ उपग्रह प्रक्षेपण अभियान था वहीं यह PSLV श्रृंखला का 42वाँ रॉकेट था।

इस प्रक्षेपण से भेजा गया सबसे महत्वपूर्ण उपग्रह 710-किलो वजन वाला कार्टोसैट-2 उपग्रह है तथा मौसम पर निगरानी रखने के लिए प्रयुक्त किया जाने वाला दूर-संवेदी उपग्रह है। यह उपग्रह आन्ध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से किया गया। इस प्रक्षेपण से 30 अन्य छोटे उपग्रह भी प्रक्षेपित किए गए जिसमें दो भारतीय नैनो-उपग्रह (Nanosat व Microsat) तथा 28 छोटे विदेशी उपग्रह शामिल थे। विदेशी उपग्रह 6 देशों के हैं तथा इनमें अमेरिकी और ब्रिटिश उपग्रह भी शामिल हैं।

पीएसएलवी-C40 रॉकेट ने प्रक्षेपण के लगभग 17 मिनट बाद कार्टोसैट-2 उपग्रह को अपनी अपेक्षित कक्षा में स्थापित किया जबकि इसके बाद 7 मिनट के अंतराल पर अन्य उपग्रहों को एक-एक कर पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया गया।

इसरो का यह प्रक्षेपण पीएसएलवी-C39 रॉकेट की लगभग 4 माह पूर्व हुई असफल उड़ान के बाद हुआ है जो हीट शील्ड की समस्या के कारण अभियान असफल हो गया था।

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3) भारत के न्यायिक इतिहास में एक अप्रत्याशित घटना में भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों ने 12 जनवरी 2018 को मीडिया से मुलाकात करते हुए देश के सबसे बड़े न्यायालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए न्यायाधीशों को मामले सौंपे जाने की व्यवस्था पर भी प्रश्नचिन्ह्न लगाए। इस समूह में शामिल चार न्यायाधीश कौन हैं? – न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर, रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कूरियन जोसेफ

विस्तार: भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा के साथ अपनी खटास को जगजाहिर करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठतम वकीलों ने 12 जनवरी 2018 को भारत के न्यायिक इतिहास में एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए सर्वोच्च न्यायालय की व्यवस्था में भारी खामियों को बताने के लिए एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की। यह प्रेस कांफ्रेंस न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर (Justice J. Chelameswar) के आधिकारिक आवास पर आयोजित हुई थी, जोकि मुख्य न्यायाधीश के बाद सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश हैं।

इस प्रेस काफ्रेंस में इन चार न्यायाधीशों – जे. चेलमेश्वर (J. Chelameswar), रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi), मदन लोकुर (Madan Lokur) और कूरियन जोसेफ (Kurian Joseph) ने सर्वोच्च न्यायालय का प्रशासन दुरुस्त नहीं है तथा स्थितियाँ इतनी खराब हो चुकी हैं जिससे देश का लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य न्यायाधीश अपनी अन्य वरिष्ठ न्यायाधीशों को तवज्जो नहीं दे रहे हैं जबकि अन्य न्यायाधीश संवैधानिक तौर पर उनसे कमतर नहीं हैं। इन न्यायाधीशों ने एक पत्र भी सार्वजनिक किया जो उन्होंने मुख्य न्यायाधीश को लिखा था।

ये चार न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय की उस प्रतिष्ठित कोलीज़ियम में शामिल हैं जो सर्वोच्च न्यायालय समेत देश के अन्य न्यायलायों के लिए न्यायाधीशों का चयन करती है।

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4) 13 जनवरी 2018 को जारी की गई जानकारी के अनुसार आईडीएफसी बैंक (IDFC Bank) किस गैर-बैंकीय वित्तीय कम्पनी (non-bank financial firm) का लगभग 1.5 अरब डॉलर मूल्य पर अधिग्रहण करेगा? – कैपिटल फर्स्ट लिमिटेड (Capital First Ltd.)

विस्तार: आईडीएफसी बैंक (IDFC Bank), जोकि देश के दो सबसे नए बैंकों में से एक है, कैपिटल फर्स्ट लिमिटेड (Capital First Ltd.) का लगभग 1.5 अरब डॉलर मूल्य के शेयर- स्वैप सौदे (share swap deal) में अधिग्रहण करेगा। यह जानकारी 13 जनवरी 2018 को जारी की गई।

कैपिटल फर्स्ट लिमिटेड में एक तिहाई हिस्सेदारी प्रमुख निजी इक्विटी फर्म वारबर्ग पिंकस (Warburg Pincus) की है। कम्पनी के संस्थापक तथा अध्यक्ष वी. वैद्यनाथन (V. Vaidyanathan) अधिग्रहण के बाद उत्पन्न होने वाले नए उपक्रम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनेंगे। सौदे के तहत कैपिटल फर्स्ट लिमिटेड के प्रत्येक शेयरधारक को प्रत्येक 10 शेयर के एवज में आईडीएफसी बैंक के 139 शेयर प्राप्त होंगे। हालांकि इस सौदे को अभी भारतीय रिज़र्व बैंक तथा अन्य नियामक संस्थाओं की स्वीकृति हासिल होनी है।

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5) चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय धर्म-धम्म सम्मेलन (4th International Dharma-Dhamma Conference) 11-13 जनवरी 2018 को कहाँ आयोजित हुआ? – राजगीर

विस्तार: राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय धर्म-धम्म सम्मेलन (4th International Dharma-Dhamma Conference) का उद्घाटन बिहार (Bihar) के नालंदा जिले में स्थित राजगीर (Rajgir) में 11 जनवरी 2018 को किया। इस तीन-दिवसीय सम्मेलन का विषय था – “धर्म-धम्म परंपराओं में राज्य तथा सामाजिक व्यवस्था” (“State and Social Order in Dharma-Dhamma Traditions”)।

इस सम्मेलन का आयोजन नालंदा विश्वविद्यालय (Nalanda University) द्वारा भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के तहत आने वाले इण्डिया फाउण्डेशन के सेंटर फॉर स्टडी ऑफ रिलीजन एण्ड सोसाइटी (Centre for Study of Religion and Society) और वियतनाम बुद्धिस्ट यूनीवर्सिटी (Vietnam Buddhist University) के सहयोग से किया गया। यह सम्मेलन 13 जनवरी 2018 को सम्पन्न हुआ।

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