12 जनवरी 2018 करेण्ट अफेयर्स

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12 Jan, 2018

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1) सर्वोच्च न्यायालय ने सिख दंगों के 186 मामलों (186 Sikh riot cases) की पुन: जाँच करने के लिए 11 जनवरी 2018 को तीन-सदस्यीय विशेष जाँच दल (Special Investigation Team – SIT) का गठन किया। इसका प्रमुख किसे बनाया गया है? – न्यायमूर्ति एस.एन. धींगरा (Justice S.N. Dhingra)

विस्तार: न्यायमूर्ति एस.एन. धींगरा (Justice S.N. Dhingra) उस तीन-सदस्यीय विशेष जाँच दल (SIT) का नेतृत्व कर रहे हैं जिसका गठन सर्वोच्च न्यायालय ने 11 जनवरी 2018 को सिख दंगों के 186 मामलों की पुन: जाँच करने के लिए किया। IPS अधिकारी अभिषेक दुलार (Abhishek Dular) और आईजी रैंक से सेवानिवृत्त हुए राजदीप सिंह (Rajdeep Singh) इस जाँच दल के अन्य दो सदस्य हैं।

न्यायमूर्ति धींगरा ने 1990 में त्रिलोकपुरी सिख दंगे के अभियुक्तों को सजा सुनाई थी। उल्लेखनीय है कि 31 अक्टूबर 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) की उनके दो सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या किए जाने के बाद राजधानी दिल्ली समेत देश के कई शहरों में सिखों के खिलाफ दंगे शुरू हो गए थे। अकेले दिल्ली में 2,733 लोग इन दंगों में मारे गए थे।

इस जाँच दल को अपनी रिपोर्ट दो माह में देने का निर्देश मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा ने दिया है। इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्वीकार किया था सिख दंगों के 186 मामलों की जाँच ठीक से किए बिना ही इन मामलों को बंद कर दिया गया था।

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2) सर्वोच्च न्यायालय के कोलीज़ियम (Supreme Court collegium) द्वारा 11 जनवरी 2018 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद के लिए नाम को हरी झण्डी दिखाए जाने के बाद कौन सर्वोच्च न्यायालय में सीधे न्यायाधीश के रूप में नियुक्त की जाने वाली देश की पहली महिला वकील बनने जा रही हैं? – इन्दु मल्होत्रा (Indu Malhotra)

विस्तार: वरिष्ठ वकील इन्दु मल्होत्रा (Indu Malhotra) भारत के न्यायिक क्षेत्र में एक नया इतिहास बनाने जा रही हैं क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय के कोलीज़ियम ने 11 जनवरी 2018 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद के लिए उनको नामित किया है। अब यदि केन्द्र सरकार उनके नाम को अपनी स्वीकृति प्रदान कर देती हैं तो वे सर्वोच्च न्यायालय में सीधे न्यायाधीश के रूप में नियुक्त की जाने वाली देश की पहली महिला वकील बन जायेंगी। वैसे वे सर्वोच्च न्यायालय की कुल सातवीं महिला न्यायाधीश होंगी।

उल्लेखनीय है कि इन्दु मल्होत्रा वर्ष 2007 में सर्वोच्च न्यायालय में वरिष्ठ वकील नियुक्त की जाने वाली दूसरी महिला थीं। यह गौरव सर्वप्रथम दिवंगत न्यायमूर्ति लीला सेठ (Justice Leila Seth) को लगभग तीन दशक पहले हासिल हुआ था।

वहीं सर्वोच्च न्यायालय के कोलीज़ियम ने उत्तराखण्ड के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति के.एम. जोसेफ (Justice KM Joseph) को भी सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद के लिए नामित किया है। उल्लेखनीय है कि जस्टिस जोसेफ ने वर्ष 2016 में उत्तराखण्ड में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के केन्द्र के निर्णय को पलट दिया था।

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3) सत्यम घोटाले (Satyam scam) में कथित संलिप्तता के चलते SEBI ने 10 जनवरी 2018 को किस अंतर्राष्ट्रीय ऑडिटिंग फर्म द्वारा किसी सूचीबद्ध भारतीय कम्पनी (listed Indian company) की ऑडिटिंग करने पर अगले दो वर्ष तक प्रतिबन्ध (2-year ban) लगा दिया? – प्राइस वॉटरहाउस (Price Waterhouse)

विस्तार: भारतीय पूँजी बाजार की नियामक संस्था भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India  – SEBI) ने प्राइस वॉटरहाउस (Price Waterhouse) तथा इसकी फर्मों के नेटवर्क द्वारा किसी सूचीबद्ध भारतीय कम्पनी की ऑडिटिंग करने पर अगले दो वर्ष तक प्रतिबन्ध लगाने की घोषणा 10 जनवरी 2018 को जारी आदेश में की। इसके अलावा SEBI ने इस फर्म को 13.09 करोड़ रुपए 12% ब्याज समेत (ब्याज वसूली जनवरी 2009 से) वापस करने का आदेश भी दिया।

सत्यम कम्प्यूटर सर्विसेज़ लिमिटेड (Satyam Computer Services Limited) के बही-खातों में तमाम झूठी जानकारियाँ तथा लाभ को बढ़ा-चढ़ा कर प्रदर्शित करने के आरोप में वर्ष 2010 में SEBI ने प्राइस वॉटरहाउस समेत कई फर्मों को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था। प्राइस वॉटरहाउस (बंगलौर) तथा इसके दो वरिष्ठ साझेदारों – एस. गोपालकृष्णन और टी. श्रीनिवास – ने वर्ष 2000 से 2008 के बीच सत्यम के खातों की ऑडिटिंग का प्रमाणन किया था।

उल्लेखनीय है कि जनवरी 2009 में सत्यम के तत्कालीन अध्यक्ष (Chairman) बी. रामलिंगा राजू (B. Ramalinga Raju) ने एक पत्र सार्वजनिक कर यह स्वीकार किया था उनकी कम्पनी में काफी समय से बही-खातों में हेरा-फेरी की जा रही है तथा बैलेंस शीट में फर्जी नकदी का विवरण प्रकाशित किया जाता रहा है।

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4) किसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो – ISRO) का अगला अध्यक्ष (Chairman) नियुक्त किया गया है जो 14 जनवरी 2018 को सेवानिवृत्त हो रहे ए.एस. किरण कुमार का स्थान लेंगे? – के. शिवन (K. Sivan)

विस्तार: दिग्गज रॉकेट वैज्ञानिक के. शिवन (K. Sivan), जोकि वर्तमान में तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केन्द्र (Vikram Sarabhai Space Centre) के निदेशक (Director) हैं, को 10 जनवरी 2018 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का अगला अध्यक्ष (Chairman) नियुक्त किया गया है। वे इस पद से सेवानिवृत्त हो रहे ए.एस. किरण कुमार (A.S. Kiran Kumar) से यह पद संभालेंगे।

उल्लेखनीय है कि के. शिवन की निगरानी में इसरो ने फरवरी 2017 के दौरान अपना ऐतिहासिक प्रक्षेपण किया था जिसमें एक साथ 104 उपग्रहों को सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया गया था। वे आईआईटी (बंबई) के इंजीनियर हैं तथा उन्होंने भारत में क्रायोजेनिक इंजनों के विकास में भी विशेषज्ञता हासिल की है।

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5) दिग्गज फोटोग्राफी कम्पनी कोडेक (Kodak) किस नाम से क्रिप्टोकरेंसी लाँच करने जा रही है, जिस घोषणा के बाद कम्पनी के शेयर मूल्य में भारी इजाफा देखा गया? – “कोडेकक्वाइन” (“KodakCoin”)

विस्तार: पूर्व में कैमरे तथा फोटोग्राफिक फिल्म बनाने वाली मशहूर अमेरिकी कम्पनी ईस्टमैन कोडेक (Eastman Kodak) ने 10 जनवरी 2018 को घोषणा की कि वह फोटो जगत को ध्यान में रखते हुए “कोडेकक्वाइन” (“KodakCoin”) नाम से एक क्रिप्टोकरेंसी (या वर्चुअल करेंसी) लाँच करेगी। इस के द्वारा कम्पनी फोटोग्राफर्स तथा फोटो एजेंसियों को फोटो अधिकारों के प्रबन्धन में अधिक नियंत्रण उपलब्ध कराकर उनका सशक्तीकरण सुनिश्चित करेगी।

इस घोषणा के बाद कोडेक निवेशकों की चहेती कम्पनी बन गई तथा कुछ ही समय में कम्पनी के शेयर मूल्यों में दोगुने से अधिक वृद्धि हुई। उल्लेखनीय है कि सुप्रसिद्ध क्रिप्टोकरेंसी “बिटक्वाइन” (“Bitcoin”) के मूल्य में हुई अपार वृद्धि के बाद निवेशक क्रिप्टोकरेंसी-आधारित निवेश को हाथों-हाथ ले रहे हैं तथा कम्पनियाँ भी क्रिप्टोकरेंसी लाँच करने पर गंभीरता से विचार कर रही हैं।

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6) एक महात्वाकांक्षी फैसले में केन्द्रीय कैबिनेट ने 10 जनवरी 2018 को सार्वजनिक क्षेत्र की एयरलाइन कम्पनी एयर इण्डिया (Air India) में विदेशी एयरलाइन कम्पनियों को कितने प्रतिशत हिस्सेदारी प्राप्त करने को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी? – अधिकतम 49%

विस्तार: केन्द्रीय कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एयर इण्डिया (Air India) में 49% तक हिस्सेदारी विदेशी एयरलाइनों को प्रदान करने के एक प्रस्ताव को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी। इसके लिए केन्द्र सरकार की पूर्व अनुमति हासिल करनी होगी। इस प्रकार ने एयर इण्डिया के प्रस्तावित निजीकरण का भी रास्ता खोला है। वर्तमान नियमों के अनुसार विदेशी एयरलाइन निजी भारतीय एयरलाइन कम्पनियों में तो अधिकतम 49% हिस्सेदारी हासिल कर सकती हैं पर “एयर इण्डिया” में इस प्रकार की अनुमति नहीं प्रदान की गई थी।

हालांकि केन्द्र सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि एयर इण्डिया का प्रभावी नियंत्रण भारतीयों के हाथों में ही रहेगा। उल्लेखनीय है कि मार्च 2017 तक एयर इण्डिया का कुल ऋण 48,877 करोड़ रुपए था, जिसमें से 17,360 करोड़ रुपए विमानों के लिए लिया गया ऋण तथा 31,517 करोड़ रुपए पूँजी के लिए लिया गया ऋण है।

वहीं एक और महत्वपूर्ण फैसले में कैबिनेट ने एकल-ब्राण्ड रिटेल (single-brand retail) क्षेत्र में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को मंजूरी प्रदान कर दी तथा इसके लिए सरकार की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। इससे वॉलमार्ट और एप्पल जैसे ब्राण्डों को भारत में अपनी 100% नियंत्रण वाली स्टोर्स खोलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

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