11 जनवरी 2018 करेण्ट अफेयर्स

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11 Jan, 2018

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कर्रेंट अफेयर्स,


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1) भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने 10 जनवरी 2018 को घोषणा की कि वह आधार नम्बरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वर्चुअल आईडी (Virtual ID) तथा सीमित केवाईसी (Limited KYC) सुविधा शुरू करने जा रहा है। इस सम्बन्ध में द्वारा की गई घोषणा के अनुसार वर्चुअल आईडी पर आधारित व्यवस्था को कब से लागू किया जायेगा? – 1 जून 2018

विस्तार: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (Unique Identification Authority of India – UIDAI) ने आधार प्रणाली (Aadhaar system) की सुरक्षा को उठे सवालों के बीच 10 जनवरी 2018 को घोषणा की कि वर्चुअल आईडी (Virtual ID) सुविधा शुरू की जायेगी जिसके तहत आधार के स्वामी को अपनी पहचान के सत्यापन (authentication) के लिए अपना आधार नम्बर देने के बजाय एक वर्चुअल आईडी संख्या देनी होगी। उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण ने यह घोषणा “द ट्रिब्यून” समाचार पत्र द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के कुछ दिन बाद की है जिसमें एक स्टिंग ऑपरेशन के द्वारा आधार की सुरक्षा में एक बड़ी चूक होने की दावा किया गया था।

जहाँ तक वर्चुअल आईडी की बात है तो यह एक अस्थाई तथा वापस ली जा सकने वाली 16-अंकीय संख्या होगी जो आधार नम्बर के साथ मैप हो सकेगी। इसलिए आधार पहचान सत्यापन के लिए आधार संख्या के बजाय इस वर्चुअल संख्या का प्रयोग किया जायेगा।

UIDAI वर्चुअल आईडी शुरू करने के लिए आवश्यक एपीआई – API (Application Programming Interface) 1 मार्च 2018 तक जारी करेगा तथा आधार से जुड़ी समस्त एजेंसियों को वर्चुअल आईडी, सम्बन्धित यूआईडी टोकन (UID Token) और सीमित केवाईसी (Limited KYC) सुविधा के लिए अपनी प्रणालियों में अपेक्षित बदलाव करने का निर्देश उसने जारी किया है ताकि यह नई व्यवस्था 1 जून 2018 से लागू की जा सके।

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2) केन्द्र सरकार ने 10 जनवरी 2018 से किस बाण्ड योजना को निवेश के लिए खोल दिया जो बेहद लोकप्रिय 8% बचत बाण्ड योजना (8% Savings Bonds Scheme) के स्थान पर शुरू की गई है? – 7.75% बचत (टैक्सेबल) बाण्ड, 2018 (7.75% Savings (Taxable) Bonds, 2018)

विस्तार: 7.75% बचत (टैक्सेबल) बाण्ड, 2018 (7.75% Savings (Taxable) Bonds, 2018), जोकि केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई नई बाण्ड योजना है, 10 जनवरी 2018 से निवेश के लिए खोल दी गई। यह योजना पूर्व में खुदरा निवेशकों (retail investors) के लिए बेहद लोकप्रिय रही 8% बचत (टैक्सेबल) बाण्ड योजना के स्थान पर शुरू की गई है। उल्लेखनीय है कि 8% बाण्ड योजना को 2 जनवरी 2018 से निवेश के लिए बंद कर दिया गया था।

हालांकि 7.75% बाण्ड योजना पूर्ववर्ती 8% वाली योजना के परिप्रेक्ष्य में कम ब्याज देगी लेकिन तमाम निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों में यह भी काफी लोकप्रिय रहेगी।

7 वर्ष समयावधि वाली 7.75% बचत (टैक्सेबल) बाण्ड योजना में निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं है तथा इसमें न्यूनतम निवेश 1,000 रुपए का किया जा सकेगा। इसके बाद ऊपरी निवेश 1,000 के गुणकों (multiples of 1,000) में स्वीकार किया जायेगा। यह योजना व्यक्तिगत निवेशकों (ज्वाइंट होल्डिंग्स समेत) और हिन्दू अविभाज्य परिवारों (HUFs) के लिए खुली है जबकि अप्रवासी भारतीय (NRIs) इसमें निवेश नहीं कर सकेंगे।

सावधि जमा योजनाओं (Fixed deposit schemes) की भांति 7.75% बचत बाण्ड योजना में प्राप्त ब्याज को निवेशक की आय में जोड़ा जायेगा तथा इस पर निर्धारित स्लैब के अनुसार आयकर (income tax) वसूला जायेगा।

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3) केन्द्र सरकार ने 9 और 10 जनवरी 2018 को ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एनएमडीसी लिमिटेड (NMDC Limited) में अपनी कितने प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश (disinvest) किया? – 1.5%

विस्तार: केन्द्र सरकार ने दो-दिवसीय ऑफर-फॉर-सेल (Offer for Sale – OFS) के माध्यम से प्रमुख खनिज व धातु कम्पनी एनएमडीसी लिमिटेड (NMDC Limited) में अपनी 1.5 प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश 9 और 10 जनवरी 2018 को किया। 9 जनवरी को जहाँ संस्थागत निवेशकों (institutional investors) को निवेश का मौका दिया गया (जहाँ OFS ओवरसब्स्क्राइब रहा) वहीं 10 जनवरी को खुदरा निवेशकों (retail investors) को एनएमडीसी में निवेश का अवसर प्रदान किया गया।

इस ऑफर-फॉर-सेल का फ्लोर मूल्य (floor price) 153.50 रुपए प्रति शेयर रखा गया तथा विशेषज्ञों के अनुसार इसके द्वारा केन्द्र सरकार को लगभग 750 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल हुआ।

एनएमडीसी लिमिटेड (पूर्व नाम राष्ट्रीय खनिज विकास निगम – National Mineral Development Corporation) सार्वजनिक क्षेत्र का प्रमुख खनिज उत्पादक है तथा वर्तमान में दुनिया का आठवाँ सबसे बड़ा अयस्क उत्पादक (ore producer) उपक्रम है। भारत सरकार इसकी स्वामी है जबकि इसका प्रशासकीय नियंत्रण केन्द्रीय इस्पात मंत्रालय (Union Steel Ministry) के अधीन है।

उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में सार्वजनिक उपक्रमों में OFS माध्यम से हिस्सेदारी बेच कर अभी तक 52,500 करोड़ रुपए हासिल किए हैं जबकि वित्तीय वर्ष के दौरान कुल विनिवेश लक्ष्य 72,500 करोड़ रुपए निर्धारित था।

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4) उस महिला स्कीइंग खिलाड़ी का क्या नाम जो 9 जनवरी 2018 को किसी अंतर्राष्ट्रीय स्कीइंग प्रतियोगिता में कोई पदक जीतने वाली पहली भारतीय स्कीयर बनीं? – आंचल ठाकुर (Aanchal Thakur)

विस्तार: हिमाचल प्रदेश के मनाली (Manali) की 21-वर्षीया आंचल ठाकुर (Aanchal Thakur) 9 जनवरी 2018 को तब सुर्खियों में आ गईं जब वे किसी अंतर्राष्ट्रीय स्कीइंग प्रतियोगिता में कोई पदक जीतने वाली पहली भारतीय स्कीयर बन गईं।

उन्होंने यह उपलब्धि तुर्की (Turkey) के एर्ज़ुरम (Erzurum) स्थित पैलेण्डोकेन स्की सेण्टर (Palandoken Ski Centre) में स्कीइंग खेलों की अंतर्राष्ट्रीय संस्था फेडरेशन इंटरनेशनल डे स्की (Federation International de Ski – FIS) द्वारा आयोजित अल्पाइन एडर 3200 कप (Alpine Ejder 3200 Cup) की स्लेलॉम रेस वर्ग (slalom race category) में काँस्य पदक (bronze medal) जीत कर हासिल की।

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5) जनवरी 2018 के दौरान जारी की गई जानकारी के अनुसार कौन सा राज्य उच्च जोखिम वाले प्रसव पर पोर्टल शुरू करने वाला भारत का पहला राज्य (first state in India to launch High Risk Pregnancy (HRP) Portal) बना है? – हरियाणा (Haryana)

विस्तार: हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने जोखिम वाले प्रसव पर पोर्टल (High Risk Pregnancy (HRP) Portal) शुरू किया है। यह जानकारी हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने 6 जनवरी 2018 को प्रदान की।

उच्च जोखिम वाले प्रसव पर पोर्टल (HRP Portal) तैयार करने का मुख्य उद्देश्य अधिक जोखिम वाले प्रसवों का ने सिर्फ समय से पता लगाना है बल्कि ऐसे मामलों के प्रबन्धन के लिए सिविल अस्पतालों में सही समय पर इनकी जानकारी पहुँचाना है जिससे विशेषज्ञ ससमय अपनी सेवाएं ऐसे मामलों में प्रदान कर सकें। हरियाणा सरकार ने नवम्बर 2017 से पूरे राज्य में हाई-रिस्क प्रिग्नेंसी नीति (High Risk Pregnancy Policy) लागू की है ताकि ऐसे 100% मामलों की जानकारी समय से मिल सके ताकि इनको सही इलाज व प्रबन्धन सुविधा मिल सके ताकि जच्चा-बच्चा मृत्यु दर को निम्नतम रखा जा सके।

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6) केन्द्र सरकार ने 9 जनवरी 2018 को सूचित किया कि उसने भारतनेट परियोजना (BharatNet project) के प्रथम चरण (first phase) को पूरा कर लिया है जिसके तहत देश भर की 1 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों तक ऑप्टिकल केबल (optical cable) बिछा दी गई हैं। भारतनेट परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है? – देश की सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल केबल से जोड़कर हाई-स्पीड ब्रॉडबैण्ड सुविधा देश के सभी अंचलों में पहुँचाना

विस्तार: भारतनेट परियोजना, जिसका पूर्व नाम राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (National Optical Fibre Network – NOGN) था, केन्द्र सरकार के महात्वाकांक्षी डिज़िटल इण्डिया (Digital India) प्रयास का मुख्य आधार है। इसका मुख्य उद्देश्य देश की सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल केबल से जोड़कर हाई-स्पीड ब्रॉडबैण्ड सुविधा देश के सभी अंचलों में पहुँचाना है।

इस परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी वर्ष 2011 में मिल गई थी तथा उस समय परियोजना को समाप्त करने की समयसीमा 2013 के अंत तक तय की गई थी। बाद में तत्कालीन संप्रग (UPA) सरकार ने इसको पूरा करने की अवधि को बढ़ाकर सितम्बर 2015 कर दिया था। वर्तमान राजग (NDA) सरकार ने परियोजना का पुनर्मूल्यांकन किया तथा इसे 2016 के अंत तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा। बाद में इसे बढ़ाकर दिसम्बर 2018 कर दिया गया। परियोजना को पूरा करने का वर्तमान तय लक्ष्य मार्च 2019 है।

केन्द्र सरकार ने 9 जनवरी 2018 को सूचित किया कि भारतनेट परियोजना का पहला चरण पूरा कर लिया गया है तथा अब इसके दूसरे चरण को जल्द शुरू करने की तैयारी है।

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7) केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित 12-सदस्यीय अंतर-मंत्रालयीय समिति (12-member Inter-Ministerial Committee), जिसका गठन सिनेमा हॉलों में राष्ट्र-गान बजाने के मुद्दे पर तमाम पक्षों की राय लेकर इस पर अपनी सिफारिश देने के उद्देश्य से किया गया है, का नेतृत्व कौन कर रहा है? – बी.आर. शर्मा (अतिरिक्त सचिव)

विस्तार: अतिरिक्त सचिव बी.आर. शर्मा (B.R. Sharma) सिनेमा हॉलों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्र गान बजाने के मुद्दे पर गठित 12-सदस्यीय समिति के अध्यक्ष हैं। इस समिति का गठन 5 दिसम्बर 2017 को केन्द्रीय गृह-मंत्रालय द्वारा किया गया था। इस समिति का महत्व इसलिए बढ़ गया है क्योंकि 9 जनवरी 2018 को सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि सिनेमा हॉलों में राष्ट्र गान बजाना अनिवार्य नहीं है तथा यह सिनेमाघरों की मर्जी पर निर्भर होगा। लेकिन राष्ट्र गान बजते समय दर्शकों को खड़े होकर उसका सम्मान करना पड़ेगा।

यह अंतर-मंत्रालयीय समिति राष्ट्र गान बजाने के मुद्दे तथा इस सम्बन्ध में Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 के प्रावधानों तथा इसमें संशोधन करने के सम्बन्ध में अपनी सिफारिशें पेश करेगी।

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