10 जनवरी 2017 करेण्ट अफेयर्स

Site Administrator

Editorial Team

10 Jan, 2017

2857 Times Read.

Uncategorized @hi, कर्रेंट अफेयर्स,


RSS Feeds RSS Feed for this Article



Read this in: English

1) आयकर चोरी (IT evasion) तथा काले धन (black money) पर नकेल कसने के प्रयास के तहत केन्द्र सरकार ने 8 जनवरी 2017 को बैंकों को अपने सभी खाताधारकों के स्थायी खाता नंबर (PAN) किस तिथि तक हासिल करने का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया? – 28 फरवरी 2017 तक

विस्तार: केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Taxes – CBDT) द्वारा 8 जनवरी 2017 को जारी एक अधिसूचना के अनुसार देश के सभी बैंकों को अपने सभी खाताधारकों के स्थायी खाता नम्बर (permanent account number (PAN) अथवा PAN न उपलब्ध होने की स्थिति में फॉर्म न. 60 को 28 फरवरी 2017 तक हासिल करना होगा। इस सम्बन्ध में सम्बन्धित आयकर कानूनों में बदलाव भी किया गया है।

हालांकि यह नियम मूलभूत बचत बैंक खातों (Basic Savings Bank Deposit Accounts – BSBDA) पर लागू नहीं होगा जैसे शून्य बैलेंस वाले जन धन खाते (Jan Dhan accounts)। इन खातों को ग्राहकों की मूलभूत बैंकिंग आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर खोला जाता है तथा इनमें नि:शुल्क एटीएम कार्ड, मासिक स्टेटमेण्ट तथा चेक बुक की सुविधाएं ही प्रदान की जाती हैं।

उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने PAN को बैंक खातों के लिए अनिवार्य करने का यह नियम ऐसे समय में तैयार किया है जब यह आशंकाएं जारी की गई हैं कि अमान्य किए गए 500 व 1000 रुपए के नोटों में से अधिकांश बैंकों में जमा हो चुके हैं। इस संदर्भ में सरकार को “बेनामी” खातों के द्वारा कालेधन को सफेद बनाए जाने की आशंका है।

…………………………………………………………..

2) 8 जनवरी 2017 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इक्विटी बाजार में उठापटक को ध्यान में रखते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने 31 मार्च 2017 को समाप्त हो रहे वित्तीय वर्ष के दौरान अपने इक्विटी निवेश के लक्ष्य (Equity Investment target) को घटाकर रु. 50,000 करोड़ कर दिया है। इस वित्तीय वर्ष का उसका पूर्व निर्धारित इक्विटी निवेश लक्ष्य क्या था? – रु. 60,000 करोड़

विस्तार: भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation of India – LIC) , जोकि देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कम्पनी होने के साथ-साथ सबसे बड़ा घरेलू संस्थागत निवेशक (largest domestic institutional investor) भी है, ने पूँजी बाजार में जारी भारी उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर प्रीमियम के द्वारा हासिल होने वाले अतिरिक्त धन (surplus fund) के बड़े हिस्से को शेयर बाजार (इक्विटी – equity) के बजाय निश्चित-आय वाले निवेश उपकरणों (fixed income papers) में निवेशित करने का निर्णय लिया है।

इस सम्बन्ध में उसने निर्णय लिया है कि इक्विटी बाजार में अपने पूर्व-निर्धारित निवेश लक्ष्य 60,000 करोड़ रुपए के बजाय अब व इस वर्ग में 31 मार्च 2017 को समाप्त हो रहे वर्ष के दौरान अपने निवेश को 50,000 करोड़ रुपए तक सीमित रखेगा।

हालांकि LIC को चालू वित्त वर्ष (2016-17) के दौरान पिछले वर्ष (2015-16) की अपेक्षा अधिक प्रीमियम राशि हासिल हुई है लेकिन अधिक जोखिम से दूर रहते हुए उसने कम जोखिम वाले निवेशों में स्वयं को निवेशित रखने का निर्णय लिया है।

उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष अपने धन को अलग-अलग वर्गों में निवेश करने का लक्ष्य निर्धारित करता है। वर्तमान में इसके पास लगभग 21 ट्रिलियन रुपए (Rs. 21 trillion) की कुल परिसम्पत्तियाँ (total assets) मौजूद हैं जबकि लगभग 30 करोड़ जीवन बीमा पॉलिसियों के माध्यम से यह लगभग 25 करोड़ लोगों को जीवन बीमा सुरक्षा प्रदान करता है।

…………………………………………………………..

3) आईआईटी खड़कपुर (IIT-Kharagpur) के उस पूर्व छात्र का क्या नाम है जिन्हें एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स एण्ड साइंसेज़ ने “टैक्निकल ऑस्कर” (‘Technical Oscar’) के नाम से लोकप्रिय अपना टैक्निकल एचीवमेण्ट अवार्ड प्रदान करने की घोषणा जनवरी 2017 के दौरान की? – पराग हवलदार (Parag Havaldar)

विस्तार: पराग हवलदार (Parag Havaldar) ने वर्ष 1991 में आईआईटी खड़कपुर (IIT-Kharagpur) से कम्प्यूटर साइंस (Computer Science) में अपना इंजीनियरिंग कोर्स पूरा किया था। वे वर्तमान में सोनी पिक्चर्स इमेजवर्क्स (Sony Pictures Imageworks) में सॉफ्टवेयर सुपरवाइज़र के रूप में काम करते हैं। उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर फिल्मी पर्दे पर एनीमेटेड तथा वास्तविक किरदारों को हैरत-अंगेज कारनामे करते हुए दिखाने से सम्बन्धित तमाम तकनीकों का विकास किया है। इन तकनीकों का प्रदर्शन ‘Watchmen’, ‘Green Lantern’, ‘The Amazing Spider-Man’ और ‘Beowulf’ जैसी कुछ सुप्रसिद्ध फिल्मों में किया गया है।

उनके योगदान के लिए ऑस्कर पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्था एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स एण्ड साइंसेज़ (Academy of Motion Pictures and Sciences)  ने अपना टैक्निकल एचीवमेण्ट अवार्ड (Scientific & Technical Award) प्रदान करने की घोषणा की है। इस पुरस्कार को “टैक्निकल ऑस्कर” के लोकप्रिय नाम से भी जाना जाता है। उन्हें यह पुरस्कार 11 फरवरी 2017 को बेवर्ली हिल्स (Beverly Hills) में प्रदान किया जायेगा।

…………………………………………………………..

4) दिग्गज ऑनलाइन रिटेल कम्पनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) ने अपने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में 9 जनवरी 2017 को किसे नियुक्त करने की घोषणा की, जो सह-संस्थापक बिन्नी बंसल (Binny Bansal) का स्थान लेंगे? – कल्याण कृष्णामूर्ति (Kalyan Krishnamurthy)

विस्तार: फ्लिपकार्ट (Flipkart) ने 9 जनवरी 2017 को कल्याण कृष्णामूर्ति (Kalyan Krishnamurthy) को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की घोषणा की। वे अभी तक इस पद पर काबिज कम्पनी के सह-संस्थापक (co-founder) बिन्नी बंसल (Binny Bansal) का स्थान लेंगे। बिन्नी बंसल अब फ्लिपकार्ट समूह के मुख्य कार्यकारी के रूप में नई जिम्मेदारी निभायेंगे।

इस जिम्मेदारी को हासिल करने के बाद फ्लिपकार्ट के लाभ-हानि की जिम्मेदारी कल्याण कृष्णामूर्ति पर रहेगी तथा वे बिन्नी बंसल के नीचे कार्य करेंगे व उन्हें रिपोर्ट करेंगे। दूसरी ओर कम्पनी के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (chief administrative officer) नितिन सेठ (Nitin Seth) को मुख्य संचालन अधिकारी (COO) की जिम्मेदारी प्रदान की गई है। वहीं फ्लिपकार्ट के दूसरे सह-संस्थापक सचिन बंसल (Sachin Bansal) पूर्व की तरह कार्यकारी अध्यक्ष (Executive Chairman) रहेंगे।

अपनी नई जिम्मेदारी में बिन्नी बंसल समस्त फ्लिपकार्ट समूह के कामकाज पर ध्यान देंगे, जिसमें अधिग्रहण-विलय तथा समूह की कम्पनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन का काम भी शामिल रहेगा।

…………………………………………………………..

5) 8 जनवरी 2017 को दिवंगत होने वाले अकबर हाशमी रफसंन्जानी (Akbar Hashemi Rafsanjani) किस देश के भूतपूर्व राष्ट्रपति थे? – ईरान (Iran)

विस्तार: 1989 से 1997 तक दो कार्यकाल के लिए ईरान के राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालने वाले अकबर हाशमी रफसंन्जानी (Akbar Hashemi Rafsanjani) का 8 जनवरी 2017 को दिल का दौरा पड़ने के बाद निधन हो गया। वे 82 वर्ष के थे।

अपने पूरे राजनीतिक जीवन के दौरान उन्हें पश्चिम के साथ ईरान के अच्छे सम्बन्धों के प्रयास करने के लिए जाना जाता है। वे ईरान के वर्तमान राष्ट्रपति हसन रोहानी (Hassan Rouhani) के प्रबल समर्थक थे।

इसके अलावा रफसंन्जानी को ईरान में नरमपंथी को बढ़ावा देने के लिए भी जाना जाता था। वर्ष 2005 में राष्ट्रपति बनने के उनके प्रयासों को कट्टरपंथी पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद (Mahmoud Ahmadinejad) के रुख के चलते झटका लगा था।

…………………………………………………………..

| Current Affairs | Current Affairs 2017 | IAS | SBI | IBPS | Banking | Bank PO | Banking Awareness | Daily Current Affairs | Hindi Current Affairs | Hindi GK| करेण्ट अफेयर्स | सामयिकी, समसामायिकी | 2017 समसामायिकी | 2017 करेण्ट अफेयर्स | जनवरी 2017 |


Responses on This Article

© Nirdeshak. All rights reserved.